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नवी मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने मादक द्रव्यों के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र एंटी ड्रग टास्क फोर्स का गठन किया है। इसका मकसद नशे की बिक्री, आपूर्ति और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी आपराधिक कार्रवाई करना है। फिलहाल राज्य के 7 अलग-अलग स्थानों पर इसके संभागीय कार्यालय काम कर रहे हैं और लगातार नशा विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र एंटी ड्रग टास्क फोर्स की कोंकण टीम ने बड़ी कार्रवाई की। नवी मुंबई के वाशी गांव में पुणे-मुंबई राजमार्ग के पास पुराने बस डिपो में छापा मारकर आरोपी अब्दुल कादर राशिद शेख को पकड़ा। उसके पास से 1 किलो 488 ग्राम मादक द्रव्य बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 48 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में वाशी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।

जांच आगे बढ़ी तो इस ड्रग्स नेटवर्क की जड़ें और गहरी निकलीं। पूछताछ में बेलगाम निवासी और एमडी ड्रग्स निर्माता प्रशांत यल्लापा पाटिल का नाम सामने आया। जांच से पता चला कि बेंगलुरु में तीन अलग-अलग जगहों पर एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्रियां चलाई जा रही थीं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीम बेंगलुरु पहुंची और वहां से सूरज रमेश यादव और मलखान रामलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी राजस्थान के स्थायी निवासी हैं, लेकिन बेंगलुरु में अवैध तरीके से एमडी ड्रग्स के कारोबार में शामिल थे। आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि बेंगलुरु के स्पंदना लेआउट कॉलोनी में आरजे इवेंट और एनजी गोलाहली इलाके में स्थित फैक्ट्री और कन्नूर के येरपनहल्ली की लोक बस्ती में एक आरसीसी मकान में एमडी ड्रग्स बनाई जा रही थी। पुलिस ने इन तीनों जगहों पर छापेमारी की और वहां से 4 किलो 100 ग्राम एमडी और 17 किलो लिक्विड एमडी समेत कुल 21 किलो 400 ग्राम मादक द्रव्य जब्त किया।

इसके साथ ही इन तीनों स्थानों पर चल रही अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। वहां से ड्रग्स बनाने की मशीनें और कई तरह के रसायन भी जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 55 करोड़ 88 लाख 90 हजार रुपये बताई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि बेंगलुरु जैसे रिहायशी इलाकों में खुलेआम एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था और यहां बनी ड्रग्स को देश के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने ड्रग्स की कमाई से बेंगलुरु में बड़ी मात्रा में अचल संपत्ति खरीदी थी। अब तक इस पूरे मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 अहम आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। यह पूरी कार्रवाई पुणे राज्य अपराध जांच विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद, महाराष्ट्र नारकोटिक्स विरोधी टास्क फोर्स की विशेष पुलिस महानिरीक्षक शारदा राउत और कई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।

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