हॉर्स ट्रेडिंग के डर से राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने में पूरा जोर लगा दिया; उद्धव सेना के 15 नगरसेवकों का मोबाइल फोन नॉट रीचेबल
मुंबई : बीएमसी चुनाव में बीजेपी 89 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन मेयर किस दल का बनेगा, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। वहीं, हॉर्स ट्रेडिंग के डर से राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने में पूरा जोर लगा दिया है। जहां उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार से ही अपने 29 नगरसेवकों को बांद्रा में एक होटल में रखा और उनसे मिलकर उन्हें संबोधित किया, वहीं रविवार को उद्धव सेना के 15 नगरसेवकों का मोबाइल फोन नॉट रीचेबल आया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाओं ने जोर पकड़ा।
रविवार को उद्धव सेना के संजय राउत ने कहा कि महापौर शिंदे सेना या ठाकरे बंधुओं का हो, बस बीजेपी का न हो, यह सभी की भावना है। मेयर को लेकर जारी सस्पेंस के बीच बीजेपी के एक नेता ने दावा किया कि महायुति का ही मेयर बनेगा। वहीं, मुख्यमंत्री दावोस पहुंच गए हैं। वे 23 जनवरी को वापस लौटेंगे। उसके बाद ही मेयर पद पर कोई निर्णय संभव है।
होटल पॉलिटिक्स ने बढ़ाया सस्पेंस
उद्धव ने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि अगर 'भगवान' चाहेंगे, तो मुंबई का मेयर शिवसेना का होगा। कहा जा रहा है कि शिंदे के कुछ नगरसेवकों ने मातोश्री से संपर्क किया था। जिसके बाद अलर्ट होते हुए शिंदे सेना ने होटल पॉलिटिक्स शुरू की। खबर है कि शिंदे ने रविवार को होटल में अपने नगरसेवकों को संबोधित किया। वहीं, शिंदे सेना की नेत्री शीतल म्हात्रे ने कहा कि किसी की पीठ में छुरा घोंपने की हमारी परंपरा नहीं है। जनता ने महायुति को जनमत दिया है और हमारा ही महापौर बनेगा। हमारे 29 में से 20 नगरसेवक ऐसे हैं, जो पहली बार चुनाव जीते हैं। उन्हें कैसे कामकाज करना है, इसका प्रशिक्षण देने के लिए होटल में ठहराया गया है। हमें होटल पॉलिटिक्स करने की जरूरत नहीं है।
एआईएमआईएम के नगरसेवकों की बैठक, मिली नसीहत
असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने मुंबई में 8 सीटों पर जीत दर्ज की है। रविवार को पार्टी नेताओं ने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवको के साथ बैठक की और रणनीति पर चर्चा की। पार्टी के एक नगरसेवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें किसी दबाव या लालच से दूर रहने और पार्टी लाइन पर बने रहने की सलाह दी गई है। जबकि 24 सीटें जीतने वाली कांग्रेस के बड़े नेता भी लगातार अपने नगरसेवकों के साथ संपर्क में है।