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मुंबई : साइबर अपराधी लोगों से ठगी के नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक प्रोफेसर ने न तो किसी को ओटीपी बताया और न ही पिन, फिर भी उनके क्रेडिट कार्ड से तीन लाख रुपये की शॉपिंग कर ली गई। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। इस पर उन्होंने कॉर्ड ब्लॉक कराकर थाने में केस दर्ज कराया। 

गाजियाबाद जिले के शास्त्री नगर स्थित महेंद्र एंक्लेव के लक्ष्मी निवास में रहने वाले शिरीश जौहरी ने बताया कि निजी आईटी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। मोबाइल पर कई मैसेज आए। पहले ओटीपी का मैसेज था। इसके बाद तीन लाख रुपये की शॉपिंग किए जाने का जिक्र था।

मुंबई के क्रोमा में की गई शॉपिंग

आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से पहले डेढ़ लाख रुपये और फिर 1.35 लाख रुपये की शॉपिंग की गई। वहीं, SBI के क्रेडिट कार्ड से 11 हजार और चौथे मैसेज में आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से चार हजार रुपये कटने का पता चला। मुंबई के क्रोमा स्टोर से ऑनलाइन शॉपिंग की गई है। 30 जनवरी को केस दर्ज किया गया। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने पीड़ित को वापस किए ठगी के 42 हज़ार

हापुड़ जिले थाना धौलाना क्षेत्र निवासी शख्स को पुलिस ने ठगी के 42,585 रुपये वापस कराए हैं। ग्राम देहरा निवासी मोहम्मद आदिल के साथ ऑनलाइन 45 हज़ार रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम टीम से की थी। टीम ने त्वरित कार्रवाई कर तकनीकी जांच और संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर 42,585 रुपये वापस कराने में सफलता प्राप्त की। थाना प्रभारी मनीष चौहान के नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम ने इसे अंजाम दिया।

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