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मुंबई : केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 24 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने फरार चल रहे आरोपी हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार कर लिया है.हरपाल इस मामले में घोषित अपराधी है. वो पिछले करीब 11 साल से कानून से बचता फिर रहा था, वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो लगातार उसकी तलाश कर रही थी.

केंद्रीय जांच ब्यूरो के मुताबिक, इस बैंक धोखाधड़ी के मामले में केस 27 अप्रैल 2001 को दर्ज किया गया था. जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने 19 मार्च 2003 को हरपाल सिंह आहूजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी. बताया गया है कि हरपाल सिंह आहूजा इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता था उसी ने इस धोखाधड़ी की साजिश रची थी.

2014 में फरार हुआ था हरपाल

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बताया कि ट्रायल के दौरान साल 2014 में हरपाल सिंह आहूजा फरार हो गया था. इसके बाद 2 अगस्त 2014 को गाजियाबाद स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने उसे अपराधी घोषित कर दिया था. बाद में अदालत ने 1 अगस्त 2017 को उसके खिलाफ ओपन डेटेड अरेस्ट वारंट भी जारी किया था.

लगातार ठिकाने बदल रहा था हरपाल

इस बीच, मामले में बाकी आरोपियों के खिलाफ ट्रायल पूरा हो चुका है, लेकिन हरपाल सिंह आहूजा की गैरमौजूदगी की वजह से उसके खिलाफ सुनवाई अब तक लंबित थी. केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी. एजेंसी के अनुसार, पिछले 11 सालों के दौरान आरोपी हरपाल मुंबई और फरीदाबाद के बीच लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा, ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके.

मुंबई से हुई गिरफ्तारी

काफी कोशिशों और लगातार ट्रैकिंग के बाद आखिरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो को कामयाबी मिली और जांच एजेंसी ने हरपाल सिंह आहूजा को 12 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर लिया. हरपाल सिंह की गिरफ्तारी मुंबई के कल्याण इलाके से हुई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गाजियाबाद लाया गया, जहां उसे केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत में पेश किया गया.अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो को 24 साल पुराने बैंक फ्रॉड केस में बड़ी सफलता मिली है.

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