175 करोड़ का आर्ट और कल्चरल सेंटर प्रस्तावित
मुंबई : मुंबई के पूर्वी उपनगरों में जल्द ही एक बड़ा आर्ट और कल्चरल सेंटर विकसित किया जा सकता है। यह प्रस्ताव लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड के किनारे कंजूर वेस्ट क्षेत्र में लगभग 3 एकड़ जमीन पर तैयार करने की योजना के तहत रखा गया है। इस प्रोजेक्ट को महिंद्रा ग्रुप की कंपनी एंथुरियम डेवलपर्स लिमिटेड ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कमिश्नर को सौंपा है। प्रस्ताव के अनुसार, मंजूरी मिलने के बाद यह परियोजना महिंद्रा लाइफस्पेस के तहत विकसित की जाएगी, जो ग्रुप की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास शाखा है। यह सेंटर शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और कला प्रदर्शन के लिए एक आधुनिक मंच के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार, इस केंद्र का निर्माण चेंबूर स्थित फाइन आर्ट्स सोसाइटी और सायन के शानमुखानंद हॉल की तर्ज पर किया जाएगा, लेकिन इसे और अधिक आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक “स्टेट-ऑफ़-आर्ट” सुविधा होगी, जिसमें थिएटर, प्रदर्शनी हॉल और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अलग-अलग स्पेस उपलब्ध होंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 175 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सेंटर को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि इसमें एक बार में 2000 से अधिक लोग बैठकर कार्यक्रमों का आनंद ले सकें। इससे बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाटकों, संगीत प्रस्तुतियों और कला प्रदर्शनियों का आयोजन संभव हो सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना मुंबई के पूर्वी हिस्से में सांस्कृतिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। वर्तमान में शहर के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में ऐसे कई सांस्कृतिक केंद्र मौजूद हैं, लेकिन पूर्वी उपनगरों में आधुनिक सुविधाओं वाले बड़े ऑडिटोरियम और कला केंद्रों की कमी महसूस की जाती है। महिंद्रा लाइफस्पेस ने पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई प्रोजेक्ट विकसित किए हैं। कंपनी का फोकस अब ऐसे प्रोजेक्ट्स पर है जो केवल आवासीय या व्यावसायिक विकास तक सीमित न होकर सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे को भी मजबूत करें।
फिलहाल यह प्रस्ताव मुंबई महानगरपालिका के विचाराधीन है। कमिश्नर की मंजूरी मिलने के बाद ही परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि इसे स्वीकृति मिलती है, तो यह मुंबई के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण जोड़ साबित हो सकता है। स्थानीय स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि इससे क्षेत्र में कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को नया मंच मिलने की उम्मीद है।