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मुंबई : महाराष्ट्र में मिलावटखोरों और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ खाद्य व औषधि प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया है। राज्य भर में 290 जगहों पर छापेमारी कर 2.52 करोड़ रुपयों का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया, जबकि 261 एफआईआर दर्ज कर 288 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई में नामी कंपनियों के दूध में पानी मिलाकर बेचने वाले पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे मिलावट के संगठित नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। अन्य व औषधि प्रशासन के आयुक्त के 16 जुलाई 2025 को जारी आदेश के अनुसार गुटखा, पान मसाला, सुगंधित तंबाकू, सुगंधित सुपारी, खर्रा, मावा और अन्य मिलावटी चबाने वाले तंबाकू उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद प्रतिबंधित उत्पादों का अवैध कारोबार जारी रहने की शिकायतों के बाद एफडीए ने व्यापक कार्रवाई शुरू की। एक अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच राज्य भर में 290 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान करीब 2 करोड़ 52 लाख 23 हजार 684 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किया गया। कार्रवाई के तहत विभिन्न पुलिस थानों में कुल 261 एफआईआर दर्ज की गईं और 288 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

मुंबई में दूध में मिलावट करने वाले गिरोह पर भी बड़ी कार्रवाई की गई। 9 अप्रैल 2026 की सुबह मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और मुंबई एफडीए की संयुक्त टीम ने वर्सोवा क्षेत्र में चार ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि नामी दूध कंपनियों के पैकेट फाड़कर उनमें पानी मिलाया जा रहा था। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर वर्सोवा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। कार्रवाई के दौरान 8 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए और करीब 621 लीटर मिलावटी दूध नष्ट किया गया, जिसकी कीमत 36 हजार 219 रुपये बताई गई। यह अभियान मंत्री नरहरी झिरवल, अधिकारी धीरज कुमार और आयुक्त श्रीधर डुबे-पाटील के मार्गदर्शन में चलाया गया। सह आयुक्त (खाद्य) महेश चौधरी ने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों से दूर रहें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी दें।

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