कोलकाता : ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी... पूर्व डीसीपी के घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे अधिकारी
कोलकाता : ईडी के अधिकारी कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहुल अमीन अली शाह के बालीगंज स्थित आवास पर भी पहुंचे। बताया जाता है कि रुहुल को कोलकाता पुलिस कल्याण बोर्ड के शांतनु बिस्वास का करीबी सहयोगी माना जाता है। ईडी ने शांतनु बिस्वास की बहन के 53 फर्न रोड स्थित आवास पर भी तलाशी ली है। ईडी ने सोना पप्पू के खिलाफ अदालत में कई आरोप दायर किए हैं। सोना पप्पू को एक सिंडिकेट और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया कि सोना पप्पू लोगों को धमकाकर उनकी जमीन और संपत्ति कम कीमतों पर हथिया लेता था। सिर्फ सोना पप्पू ही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में तीन लोगों के एक गिरोह का भी जिक्र किया है।
जांच एजेंसी ने कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास के मुर्शिदाबाद स्थित आलीशान पैतृक आवास पर छापेमारी की। चूंकि यह घर पिछले एक हफ्ते से बंद था, इसलिए ED के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के बाद ताला तोड़कर अंदर घुसे। शांतनु सिन्हा विश्वास फिलहाल ED की हिरासत में हैं। यह पूरी कार्रवाई ‘सोना पप्पू’ और पूर्व डीसीपी से जुड़े अवैध उगाही नेटवर्क और वित्तीय धोखाधड़ी के सुराग जुटाने के लिए की गई है।
एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू बेहाला के कारोबारी जॉय कामदार और कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के लिए काम करता था। वह जमीन सिंडिकेट की अहम जिम्मेदारियां भी संभालता था। एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू पर कई आरोप हैं, जिनमें रंगदारी, धमकी, जमीन पर कब्जा और हथियारों का अवैध कब्जा शामिल है।
जांच एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू के घर पर तलाशी अभियान के दौरान उन्हें एक रिवॉल्वर मिली। यह रिवॉल्वर कारोबारी जॉय कामदार के संगठन के नाम पर खरीदी गई थी। रिवॉल्वर खरीदे जाने के बाद फरवरी में रबींद्र सरोवर पुलिस थाने के अंतर्गत कंकुलिया इलाके में अशांति फैल गई थी। आपको बता दें कि फरवरी में हुई अशांति के सिलसिले में पप्पू का नाम सामने आया था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि दो गुटों के बीच हुई झड़प के पीछे बिस्वजीत का हाथ था और हिंसा तथा तोड़फोड़ के लिए उसके साथी जिम्मेदार थे।