इतिहास का हिस्सा हो गईं मुंबई की एअर इंडिया कॉलोनियां, आखिरी परिवार ने भी छोड़ा आशियाना
मुंबई : शुरुआत हमेशा धूम-धड़ाके और जश्न के साथ होती है लेकिन अंत अक्सर खामोश और चुपचाप विदाई वाला होता है। मुंबई की एअर इंडिया कॉलोनियां इसका जीता जागता उदाहरण हैं। कलीना में 184 एकड़ जमीन पर फैली एअर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस की कॉलोनियां अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं। इनमें से पहली चार कॉलोनियां 1955 में बनी थीं। पिछले कुछ हफ्तों में इसके लगभग 150 निवासियों में से जो आखिरी लोग बचे थे उन्होंने अपने फ्लैट खाली करना शुरू कर दिया है।
एमआईएएल ले लेगा कब्जा
रविवार को यहां रहने वाले आखिरी लोग भी चले जाएंगे और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड उस जमीन का कब्जा ले लेगा, जो उसे दो दशक पहले लीज पर दी गई थी। ये कॉलोनियां मुंबई में एअर इंडिया की आखिरी रियल-एस्टेट निशानी थीं।
1980 में हुआ विस्तार
पहली स्टाफ कॉलोनी के बाद 1980 के दशक में तीन और कॉलोनियां बनाई गईं। 1970 के दशक में नरीमन पॉइंट पर मशहूर 'एअर इंडिया टावर' बना। दशकों तक यह मुंबई के स्काईलाइन पर सबसे ज्यादा पहचाना जाने वाला लैंडमार्क रहा, जब तक कि 2024 में इसे राज्य सरकार को बेच नहीं दिया गया।
अब 106 इमारतों में फैले 1,683 फ्लैटों वाली चार कॉलोनियां सरकारी स्वामित्व वाली एआई एसेट होल्डिंग्स लिमिटेड से एमआईएएल को ट्रांसफर हो गई हैं। हालांकि एमआईएएल एआईएसएल, एआईएएसएल और एआईएएचएल सरकारी स्वामित्व वाली संस्थाएं हैं और एयरलाइन अब एक निजी कंपनी है, फिर भी आम जनता के लिए ये कॉलोनियां 'एअर इंडिया' ब्रांड से ही जुड़ी हुई थीं।
लड़ी लंबी कानूनी लड़ाई
2022 में एअर इंडिया के निजीकरण के बाद चार सालों तक कर्मचारियों और उनके यूनियनों ने रिटायरमेंट तक क्वार्टर में रहने के अपने अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी। लेबर कोर्ट से लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट तक यह लड़ाई आखिरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची, जहां पिछले साल वे केस हार गए। सुप्रीम कोर्ट ने वहां रहने वालों को 30 नवंबर, 2025 तक परिसर खाली करने का समय दिया।
इसके बाद एमआईएएल ने वहां रहने वालों का अनुरोध मान लिया और उन्हें शैक्षणिक वर्ष के अंत तक रहने की अनुमति दे दी ताकि बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े। इस तरह वहां से हटाए जाने की तारीख अनौपचारिक रूप से 31 मई तक बढ़ा दी गई।
कॉलोनी के मैदान ने दिए कई खिलाड़ी
2022 में यहां 600 परिवार रहते थे। एअर इंडिया के ज्यादातर कर्मचारी उसके बाद के सालों में चले गए। यह कॉलोनी कभी भी महज रहने की जगह नहीं थी। इसके क्रिकेट मैदान ने जहां मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन कोचिंग कैंप और बीसीसीआई की भारतीय महिला टीम प्रैक्टिस सेशन आयोजित करती थी पृथ्वी शॉ, यशस्वी जायसवाल, अजिंक्य रहाणे और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी दिए।