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मुंबई :  महाराष्ट्र विधान परिषद में कथित रक्त चोरी (ब्लड थेफ्ट) और रक्त आपूर्ति में अनियमितताओं का मामला जोर-शोर से उठा। भाजपा एमएलसी चित्रा किशोर वाघ ने आरोप लगाया कि कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से एक संगठित रैकेट संचालित किया जा रहा था, जिसका खुलासा उन्होंने सदन में किया है। चित्रा वाघ ने कहा कि रक्त केंद्र से जुड़े कुछ अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ब्लड सेंटर के प्रमुख डॉ. पगारे और डॉ. भिसे ने मिलकर पूरे नेटवर्क का संचालन किया। उनके अनुसार, यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं बल्कि गंभीर अनियमितताओं और जवाबदेही का विषय है। भाजपा नेता ने दावा किया कि इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाकर संबंधित तथ्यों को सामने लाया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का भरोसा बना रहे।

हालांकि, आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या अन्य पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। रक्त संग्रहण और वितरण से जुड़ी व्यवस्थाएं स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। जांच एजेंसियों और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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