मीरा-भायंदर में बारिश के बीच दर्दनाक हादसा, नारियल का पेड़ गिरने से पूर्व डिप्टी मेयर के बेटे की मौत
ठाणे : ठाणे जिले के मीरा-भायंदर शहर में भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसमें नारियल का पेड़ गिरने से 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि की। मृतक की पहचान राहुल अशोक पाटिल के रूप में हुई है, जो मीरा-भायंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पूर्व डिप्टी मेयर के बेटे थे। जानकारी के अनुसार, राहुल पाटिल बुधवार शाम को मुर्धागांव के रहने वाले थे और सदानंद नगर इलाके में अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर चल रहा था। अचानक सड़क किनारे खड़ा एक नारियल का पेड़ तेज हवाओं के कारण उखड़ गया और सीधे उनकी मोटरसाइकिल पर गिर पड़ा।
पेड़ गिरने से राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दो दिन तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल फैल गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उस समय मौसम बेहद खराब था और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही थी, जिससे दृश्यता भी कम हो गई थी। अचानक हुए इस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पेड़ पहले से कमजोर स्थिति में था और लगातार बारिश तथा तेज हवाओं के कारण वह उखड़ गया।
अधिकारियों का कहना है कि शहर में पेड़ों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और खतरनाक पेड़ों को हटाने या उनकी छंटाई का काम तेज किया जाएगा। साथ ही, बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। राहुल पाटिल की असमय मौत से उनके परिवार और स्थानीय समुदाय में गहरा दुख है। वे सामाजिक रूप से सक्रिय माने जाते थे और इलाके में उनकी पहचान एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में थी। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस प्रकार, मीरा-भायंदर में हुई यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी बन गई है, बल्कि शहर में मानसूनी मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पेड़ प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।