मराठवाड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग सेंटर
छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र सरकार के ‘विकसित महाराष्ट्र’ अभियान के तहत ‘विकसित मराठवाड़ा’ के विज़न को साकार करने की दिशा में खेल क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया है। अधिकारियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने, खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने और परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने गुरुवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मराठवाड़ा में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और आवास की समुचित व्यवस्था के साथ सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि देश और विदेश से आने वाले खिलाड़ी तथा प्रशिक्षक यहां बिना किसी असुविधा के प्रशिक्षण ले सकें।
बैठक में जिला कलेक्टर विनय गौड़ा, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिनू पी.एम., डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के उपनिदेशक एवं समिति के सदस्य-सचिव शेखर पाटिल, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता, आवश्यक संसाधनों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि परियोजना की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।