मुंबई : रेलवे बिछा रहा दो नई पटरियां, दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक को बनाया जा रहा फोर लाइन, 160 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेन
मुंबई : देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच दूरी को कम करने की कवायद केंद्र सरकार लंबे समय से कर रही है. साल 2019 से ही दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण चल रहा है, जिसके साल 2027 में पूरा होने की उम्मीद है. वहीं, रेलवे भी इसमें पीछे नहीं है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर जहां 120 की स्पीड से वाहन चल रहे हैं तो रेलवे भी अपने दिल्ली मुंबई रेलवे ट्रैक की स्पीड 160 कर रहा है.
कोटा रेल मंडल में तो यह कार्य पूरा भी हो गया है. यहां पर सीआरएस इंस्पेक्शन के बाद ट्रेनें यह गति पकड़ भी लेंगी, लेकिन रेलवे यहीं नहीं रुक रहा है. कोटा होकर गुजर रहे इस रेल ट्रैक पर माल व यात्री ट्रेनों का ट्रैफिक काफी ज्यादा है. अब इसी को ध्यान में रखते हुए इस ट्रैक को फोर लाइन का किया जा रहा है. इसके तहत कोटा रेल मंडल में मथुरा से नागदा के बीच तीसरी व चौथी पटरी डाली जाएगी.
कार्य के लिए 16040.84 करोड़ का बजट भी जारी : कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह देश के व्यस्ततम रेल मार्गों में शामिल है. वर्तमान में यहां दो पटरी (अप और डाउन) है. यह कार्य इसी साल शुरू हो जाएगा, क्योंकि इसके लिए 16040.84 करोड़ का बजट भी जारी कर दिया गया है. वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे का कंस्ट्रक्शन विभाग निर्माण का कार्य कर रहा है. अधिकांश जगहों पर पहले से डाली हुई दोनों रेलवे लाइन के साथ ही यह नया रेलवे ट्रैक चलेगा. हालांकि, कुछ जगह पर यह रेलवे ट्रैक नए रूट पर भी जाएगा. इसकी वजह से कुछ रेलवे स्टेशनों को बाईपास किया जा रहा है. कोटा के लिए भी इसमें बाईपास बनना तय किया गया है. तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए कोटा स्टेशन को भी बाईपास किया जाएगा.
हैंगिंग ब्रिज के पास चम्बल क्रॉस : उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नए दो स्टेशन भी कोटा और बूंदी में बनने वाले हैं. इनमें बूंदी जिले में बड़गांव और कोटा जिले में रोजड़ी स्टेशन बनेगा. इसके अलावा गुडला, कोटा, न्यू कोटा, दाड़ देवी, दरा व कंवरपुरा स्टेशन भी बाईपास होंगे. यह चंबल नदी को हैंगिंग ब्रिज के नजदीक से क्रॉस करेगा. यहां पर नया ब्रिज भी बनाया जाएगा. रेलवे को तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए 1833.40 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है. रेलवे के पास 757.37 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है. रेलवे पहले अपने पास उपलब्ध जमीन पर काम शुरू करेगा. साथ में 1076.03 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का भी कार्य शुरू किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए कुछ एरिया फॉरेस्ट या टाइगर रिजर्व का भी आ रहा है. 254.32 हेक्टेयर पर निर्माण के लिए अनुमति ली जा रही है.