मुंबई : सभी समुद्र तटों की सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी को व्यापक सर्वे कराने के निर्देश
मुंबई: महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन सिद्धेश कदम ने मुंबई के सभी समुद्र तटों की सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी को व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र तटों की नियमित और लगातार सफाई के लिए जरूरी मशीनरी, आधुनिक तकनीक और पर्याप्त मैनपावर की तत्काल व्यवस्था की जाए। अधिकारियों को सफाई अभियान को केवल विशेष अवसरों तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित प्रक्रिया के रूप में लागू करने पर जोर दिया गया है।
शुक्रवार को बीएमसी मुख्यालय में समुद्र तटों की सफाई और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एमपीसीबी चेयरमैन सिद्धेश कदम, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर विपिन शर्मा के साथ एमपीसीबी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मुंबई के समुद्र तटों पर चल रहे सफाई अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और सफाई व्यवस्था में सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में मुंबई शहर और उपनगरों के प्रमुख समुद्र तटों की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इनमें जुहू, गोराई, वर्सोवा, दादर समेत अन्य समुद्र तट शामिल रहे। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में जमा होने वाले कचरे, सफाई की आवृत्ति, उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। समुद्र के जरिए किनारे पर पहुंचने वाले कचरे को हटाने और समुद्र तटों को साफ रखने के लिए मौजूदा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
एमपीसीबी चेयरमैन ने निर्देश दिया कि मुंबई के सभी समुद्र तटों का एक व्यापक और व्यवस्थित सर्वे किया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक बीच पर कचरा जमा होने की मात्रा, सफाई की जरूरत, संवेदनशील क्षेत्रों और मौजूदा संसाधनों का आकलन किया जाए। इसके आधार पर अलग-अलग समुद्र तटों के लिए सफाई की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि समुद्र तटों की सफाई के लिए केवल मानव संसाधन पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक मशीनरी और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। अधिकारियों को जरूरत के मुताबिक सफाई मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समुद्र तट की भौगोलिक स्थिति और वहां जमा होने वाले कचरे के प्रकार के आधार पर उपयुक्त उपकरणों का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।