मुंबई, पुणे में अतिक्रमण नियमित करने की बनेगी नीति... आवासीय अतिक्रमणों पर तीन महीने में समिति देगी सिफारिश
मुंबई : मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर 1 जनवरी 2011 तक हुए आवासीय अतिक्रमणों को नियमित करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए व्यापक नीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 10 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता कोकण संभागीय आयुक्त करेंगे।
समिति को अगले तीन महीने में स्पष्ट सिफारिशों के साथ अपनी अंतिम रिपोर्ट राजस्व विभाग को सौंपनी होगी। राजस्व विभाग ने 25 मार्च 2026 को राज्यभर में सरकारी जमीन पर 1 जनवरी 2011 से पहले हुए आवासीय अतिक्रमणों को नियमित करने के संबंध में नीतिगत निर्णय लिया था। हालांकि, इस निर्णय के दायरे से बृहन्मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र को बाहर रखा गया था। इन क्षेत्रों में राज्य और केंद्र सरकार की जमीन पर हुए अतिक्रमणों को नियमित करने के लिए अलग से व्यापक नीति बनाने की जरूरत को देखते हुए यह समिति गठित की गई है।
सरकार की तरफ से जारी शासन निर्णय के अनुसार विशेष समिति का अध्यक्ष कोकण के विभागीय आयुक्त को बनाया गया है। समिति में मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और पुणे के जिलाधिकारी, मुंबई व पुणे के झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के प्रतिनिधि, बीएमसी, पुणे महानगरपालिका और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के प्रतिनिधि तथा मुंबई, मुंबई उपनगर और पुणे के अधीक्षक भूमि अभिलेख शामिल होंगे।
समिति एसआरए, म्हाडा और अन्य प्राधिकरणों की मौजूदा नीतियों का अध्ययन कर इन क्षेत्रों में अतिक्रमण नियमित करने के लिए व्यापक नीति की सिफारिश करेगी। साथ ही केंद्र सरकार या उसके अधीन प्राधिकरणों की जमीन पर हुए अतिक्रमणों को नियमित करने के संबंध में भी विशेष सिफारिशें की जाएंगी। समिति को तीन महीने में अपनी पूरी कार्यवाही पूरी कर अंतिम रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य किया गया है।