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मुंबई : रोजाना मुंबई को आपूर्ति किए जाने वाले करीब 4,100 एमएलडी पानी में से 34% पानी बर्बाद हो रहा है। पानी तो बर्बाद हो ही रहा है बीएमसी की कमाई पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। यह पानी लीकेज, पानी की चोरी और वितरण संबंधी अन्य कारणों से सिस्टम से बर्बाद हो रहा है। बीएमसी अब इस नुकसान को कम से कम 10% तक घटाने की योजना पर काम कर रही है। इससे शहर को करीब 400 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकता है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर ने गुरुवार को स्थायी समिति की बैठक में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 400 एमएलडी पानी की बचत काफी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह प्रस्तावित गारगाई बांध से मिलने वाले लगभग 440 एमएलडी पानी के बराबर है। बांगर के अनुसार, पानी के नुकसान को कम करने का एक तरीका उन क्षेत्रों में अनधिकृत पानी के कनेक्शनों को नियमित करना है, जहां कानूनी रूप से पानी की आपूर्ति की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जून 2022 से अगस्त 2026 के बीच 'वॉटर फॉर ऑल' योजना के तहत 26,774 पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अनधिकृत कनेक्शनों के जरिए पानी जाने के बजाय यदि उन्हें नियमित किया जाता है, तो महानगरपालिका को भी इसका राजस्व मिल सकेगा। बांगर ने बताया कि बीएमसी जल्द ही टैंकरों के लिए नई नीति लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत खासकर मुंबई के पांच सितारा होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों को पानी उपलब्ध कराने वाले टैंकरों को बीएमसी की जल आपूर्ति व्यवस्था से पानी लेने के बजाय कुओं आदि से पानी लेने की व्यवस्था की जाएगी। प्रस्तावित व्यवस्था में ओटीपी आधारित प्रणाली होगी, जिसे आने वाले सप्ताहों में स्थायी समिति के सामने रखा जाएगा।


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