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मुंबई: 8वें वेतन आयोग का कर्मचारी संघों, श्रमिक समूहों, पेंशन निकायों समेत अन्य हितधारकों से बातचीत कर विचार और सुझाव इकठ्ठा करने का सिलसिला जारी है, या कहें अब ये तेज होता जा रहा है. 8वीं सीपीसी के गठन के बाद अब इसके अपनी सिफारिशें सौंपने का समय भी नजदीक आता जा रहा है. यानी करीब 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को नए वेतनमान का लाभ मिलने की तैयारी जोरों पर है. इसे लेकर ताजा अपडेट की बात करें, तो अक्टूबर का फेस्टिव सीजन अहम है और ठीक दशहरा के बाद दनादन बैठकें होने वाली हैं, जो मुंबई में होंगी.

कब तक सौंपनी है आयोग को रिपोर्ट?

कब से लागू होगा इसे लेकर तस्वीर साफ अभी तक नहीं हो सकी है. लेकिन बता दें कि इसके पैनल का गठन बीते साल 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे हितधारकों के साथ अपनी चर्चाओं के बाद सिफारिशें पेश करने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है. इस हिसाब से आयोग को अपनी सिफारिशें की औपचारिक रिपोर्ट 3 मई 2027 तक सौंपनी है. हालांकि, आयोग की सिफारिशें सौंपे जाने के बाद 8वां वेतन आयोग लागू होने में दो से तीन साल का समय लग सकता है. 

8वां वेतन आयोग का पैनल कैसे लेगा फैसला?        

अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं और इस पैनल में पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं, जबकि फाइनेंस के स्थायी प्रोफेसर और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष भी आयोग के सदस्य हैं. ये पैनल कर्मचारी संघों, श्रमिक समूहों, मंत्रालयों, पेंशन निकायों जैसे हितधारकों से विचार और सुझाव ले रहा है. इनका विश्लेषण करके संबंधित कर्मचारी और पेंशनर्स समूहों के लिए भत्ते, पेंशन फार्मूला और सैलरी स्ट्रक्चर तय की जाएगी. 

गौरतलब है कि 8वां वेतन आयोग पैनल की ओर से हितधारकों के साथ चर्चा के लिए बैठकों का सिलसिला बीते मार्च महीने से ही जारी है. अक्टूबर में भी लगातार बैठकें हो रही हैं. अब अगली बैठक फेस्टिव सीजन में मुंबई में होने वाली है, जिसके लिए 22-23 अक्टूबर की तारीख तय की गई है. यानी दशहरा की ठीक बाद सैलरी, पेंशन और भत्तों पर चर्चा होगी. इससे पहले बेंगलुरु में बड़ी बैठकें पूरी हो चुकी हैं. 

1करोड़ को फायदा, 1 जनवरी 2026 से बढ़ा वेतन 

आठवें वेतन आयोग के लागू होने से देश के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स को लाभ होगा. इनमें लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी शामिल हैं, जबकि रक्षा और रेलवे मंत्रालयों को मिलकार करीब 69 लाख पेंशनर्स शामिल हैं. हालांकि, किस कैटेगरी के कर्मचारी और पेंशनर्स पर कौन-से बदलाव लागू होने वाले हैं, ये तो 8वें वेतन पर लिए जाने वाले अंतिम फैसले के बाद ही साफ हो पाएगा. बता दें वेतन आयोगों के बीच अक्सर करीब एक दशक का फासला रहा है, ऐसे में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है. हालांकि, एरियर और उसके पेमेंट पर अभी तस्वीर साफ नहीं है. 

सीधे 51000 रुपये बढ़ सकती है सैलरी? "

मार्च से अब तक 8वें वेतन आयोग के पैनल और कर्मचारी संघों के साथ हुई बैठकों में एक अहम डिमांड जो सबसे ज्यादा उठी है, वो है फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की, जिसका सैलरी स्ट्रक्चर में अहम रोल होता है. इसे 7वें वेतन आयोग के 2.57 से बढ़ाकर 3.833 करने का प्रस्ताव है. अगर इस मांग को मान लिया जाता है, तो फिर लेवल-1 से लेकर लेवल-10 तक तमाम केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आ जाएगा. इसका कैलकुलेशन देखें, (वर्तमान मूल वेतन x फिटमेंट फैक्टर = नया मूल वेतन) के आधार पर होता है. फिलहाल लेवल-1 कर्मचारी का बेसिप पे ₹18000 है और इसे 3.83 फिटमेंट से गुणा करें, तो ये ₹68,940 हो जाएगा. यानी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में सीधे 50,940 रुपये की बढ़ोतरी होगी.

 

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