मुंबई में घरों की बिक्री सुस्त, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 25% घटे
मुंबई : नवरात्रि 2026 के दौरान प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 25% घटकर 4,680 रह गए। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से मिलने वाला राजस्व भी 15% गिरकर 499 करोड़ रुपये पर आ गया। जानिए मुंबई के रियल एस्टेट बाजार का हाल
देश के प्रमुख रियल एस्टेट बाजार मुंबई में इस साल नवरात्रि के दौरान प्रॉपर्टी की खरीदारी में सुस्ती देखने को मिली। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 11 से 19 अक्टूबर 2026 के बीच मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या सालाना आधार पर 25% घटकर 4,680 रह गई। पिछले तीन साल में पहली बार नवरात्रि के दौरान रजिस्ट्रेशन में इतनी गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, त्योहार के शुरुआती दिनों में घर खरीदने वालों की भागीदारी कम रही। इसका असर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और इससे मिलने वाले सरकारी राजस्व पर भी पड़ा।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से होने वाली कमाई भी घटी
मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से मिलने वाला राजस्व भी पिछले साल के मुकाबले 15% घटकर 499 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल नवरात्रि के दौरान यह आंकड़ा 587 करोड़ रुपये था, जबकि 2024 में रजिस्ट्रेशन से 502 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। नवरात्रि 2025 के दौरान मुंबई में कुल 6,238 प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इस साल यह संख्या घटकर 4,680 रह गई।
हालांकि, कामकाजी दिनों के हिसाब से देखें तो 2026 में हर दिन औसतन 669 प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन हुआ। यह आंकड़ा 2025 के 693 रजिस्ट्रेशन प्रतिदिन से कम है, लेकिन 2024 के 650 रजिस्ट्रेशन प्रतिदिन से ज्यादा है।
नाइट फ्रैंक ने क्या कहा?
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल के मुताबिक, पिछले साल के ऊंचे आंकड़ों के मुकाबले इस बार नवरात्रि के दौरान रजिस्ट्रेशन में कमी आई है। हालांकि, हर कामकाजी दिन होने वाले रजिस्ट्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में गतिविधियां पूरी तरह कमजोर नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि 2026 में हर कामकाजी दिन होने वाले रजिस्ट्रेशन की संख्या 2024 के स्तर से ऊपर रही। वहीं, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या के मुकाबले राजस्व में कम गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि मुंबई के आवासीय बाजार में घर खरीदने वालों की दिलचस्पी बनी हुई है, हालांकि त्योहार के दौरान खरीदारी की रफ्तार सामान्य हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन की संख्या के मुकाबले राजस्व में कम गिरावट की एक वजह खरीदी-बेची गई प्रॉपर्टी की कीमतों का अंतर भी हो सकता है।
श्राद्ध के दौरान प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन बढ़े
आमतौर पर हिंदू पंचांग में श्राद्ध के 15 से 16 दिनों के समय को बड़े खर्च और खरीदारी के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसके बावजूद, इस साल श्राद्ध के दौरान प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में मामूली बढ़ोतरी हुई। इस अवधि में मुंबई में 3,419 प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि 2025 में यह संख्या 3,368 और 2024 में 3,216 थी।
हालांकि, इस दौरान रजिस्ट्रेशन से मिलने वाला राजस्व घटकर 255 करोड़ रुपये रह गया। 2025 में यह 265 करोड़ रुपये और 2024 में 219 करोड़ रुपये था।
देश के दूसरे शहरों में घरों की मांग बढ़ी
मैजिकब्रिक्स रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान देश के आवासीय प्रॉपर्टी बाजार में घरों की मांग सालाना आधार पर 8% से ज्यादा बढ़ी। इस दौरान बेंगलुरु और अहमदाबाद का प्रदर्शन बेहतर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे बाजारों में महंगे घरों की मांग बनी रही। वहीं, देश के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई। मुंबई और चेन्नई उन बाजारों में शामिल रहे, जहां कीमतों में अपेक्षाकृत अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।