सड़क पर उखड़ा पड़ा इलेक्ट्रिकल बॉक्स, कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद; बड़े हादसे का खतरा
छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित वालुज औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और बिजली से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। साजापुर फाटा और कैनपैक इंडिया के बीच मुख्य सड़क जंक्शन पर एक इलेक्ट्रिकल बॉक्स उखड़कर खतरनाक हालत में पड़ा हुआ है। इससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो रही है और वाहन चालकों तथा पैदल यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र के अधिकांश सेक्टरों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुके हुए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वालुज औद्योगिक क्षेत्र के साजापुर फाटा और कैनपैक इंडिया के बीच स्थित मुख्य सड़क जंक्शन पर लगा इलेक्ट्रिकल बॉक्स अपनी जगह से उखड़ गया है। यह सड़क के पास असुरक्षित स्थिति में पड़ा हुआ है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां दिनभर दोपहिया वाहनों, कारों, कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों और मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के किनारे मौजूद क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरण यातायात के लिए खतरा बन सकता है।
विशेष रूप से रात के समय इस तरह के अवरोध अधिक खतरनाक हो जाते हैं। यदि सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं हो तो वाहन चालकों को सामने मौजूद क्षतिग्रस्त बॉक्स का समय रहते पता नहीं चल पाता। अचानक अवरोध दिखाई देने पर वाहन मोड़ने या ब्रेक लगाने से दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। कई श्रमिक सुबह जल्दी और देर रात तक अपनी ड्यूटी के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में मुख्य सड़क जंक्शन पर असुरक्षित स्थिति में पड़ा इलेक्ट्रिकल बॉक्स उनकी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर समस्या बन सकता है।
इसके साथ ही वालुज औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र के अधिकांश सेक्टरों में स्ट्रीट लाइटें काम नहीं कर रही हैं। कुछ जगहों पर मरम्मत के नाम पर बिजली के खंभे हटा दिए गए हैं, जबकि कई अन्य स्थानों पर खंभे झुके हुए हैं। झुके हुए खंभों के कारण लोगों को आशंका है कि तेज हवा, बारिश या किसी वाहन की टक्कर से वे गिर सकते हैं। यदि कोई खंभा सड़क या फुटपाथ की ओर गिरता है तो इससे राहगीरों और वाहन चालकों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, इन खंभों की वास्तविक संरचनात्मक स्थिति तकनीकी निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वालुज महाराष्ट्र का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। यहां मालवाहक वाहनों और कर्मचारियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे क्षेत्र में सड़क और प्रकाश व्यवस्था का सुचारु होना अत्यंत आवश्यक है। औद्योगिक गतिविधियों के कारण यहां यातायात का दबाव सामान्य आवासीय क्षेत्रों की तुलना में अलग प्रकार का होता है। औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही होने के कारण पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अंधेरे में सड़क के गड्ढे, अवरोध और अन्य खतरनाक वस्तुएं आसानी से दिखाई नहीं देतीं। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खराब स्ट्रीट लाइटें अधिक जोखिम पैदा कर सकती हैं। बड़ी गाड़ियों की हेडलाइट और सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को रास्ते का सही अनुमान लगाने में परेशानी हो सकती है। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की दृष्टि से स्ट्रीट लाइटों का नियमित रखरखाव इसलिए भी जरूरी है। इलेक्ट्रिकल बॉक्स के उखड़ने से केवल यातायात बाधित होने का खतरा नहीं है, बल्कि उसके भीतर मौजूद विद्युत उपकरणों और तारों की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी क्षतिग्रस्त बॉक्स में बिजली की आपूर्ति चालू हो और तार खुले हों, तो बिजली का झटका लगने जैसी दुर्घटना हो सकती है। हालांकि, संबंधित बॉक्स में बिजली प्रवाहित हो रही है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञों की सलाह है कि आम लोगों को किसी भी क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरण को छूने या स्वयं हटाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। बिजली से संबंधित उपकरणों की जांच और मरम्मत केवल अधिकृत तकनीकी कर्मचारियों द्वारा ही की जानी चाहिए। वालुज औद्योगिक क्षेत्र में सामने आई इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण है। सड़क पर पड़े इलेक्ट्रिकल बॉक्स को सुरक्षित करना, क्षतिग्रस्त खंभों की तकनीकी जांच करना और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दोबारा चालू करना आवश्यक कदम हो सकते हैं। यदि मरम्मत कार्य के दौरान खंभे हटाए गए हैं, तो संबंधित स्थानों पर वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इससे मरम्मत पूरी होने तक सड़क उपयोगकर्ताओं को अंधेरे में यात्रा करने की परेशानी से राहत मिल सकती है। इसके अलावा जिन स्थानों पर खंभे झुके हुए हैं, वहां तत्काल निरीक्षण कर यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि उन्हें सीधा करके सुरक्षित किया जा सकता है या बदलने की आवश्यकता है। संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेत और सुरक्षा घेराबंदी की व्यवस्था भी उपयोगी हो सकती है। औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का रखरखाव केवल कर्मचारियों की सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि औद्योगिक संचालन और यातायात सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है। खराब सड़क प्रकाश व्यवस्था का असर रात में काम करने वाले कर्मचारियों, मालवाहक परिवहन और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ सकता है। वालुज में सामने आई समस्या यह भी दर्शाती है कि सड़क किनारे लगे विद्युत उपकरणों की नियमित निगरानी कितनी आवश्यक है। समय-समय पर निरीक्षण होने से क्षतिग्रस्त उपकरणों और कमजोर खंभों की पहचान की जा सकती है। इससे किसी बड़ी दुर्घटना से पहले आवश्यक सुधार करना संभव होता है। फिलहाल साजापुर फाटा और कैनपैक इंडिया के बीच सड़क जंक्शन पर उखड़े इलेक्ट्रिकल बॉक्स तथा विभिन्न सेक्टरों में बंद स्ट्रीट लाइटों की समस्या गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से मरम्मत की समयसीमा के संबंध में कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर असुरक्षित विद्युत उपकरणों को ठीक करें और खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत सुनिश्चित करें, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।