Latest News

मुंबई : महिला की हत्या के मामले में 31 साल से जारी वारंट पर पुलिस ने आरोपी पारस को गिरफ्तार किया है। आरोपी जमानत पर छूटने के बाद मुंबई से फरार होकर गांव में छिप गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भेष बदलकर कभी साधु तो कभी सर्पमित्र बनकर रह रहा था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

मुंबई में महिला की हत्या के मामले में करीब 31 साल से जारी गैर जमानती वारंट पर कांदिवली पुलिस ने बुधवार को गाजीपुर के अहलादपुर गांव से पारस यादव को गिरफ्तार कर गाजीपुर न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस उसे अपने साथ ले गई है। 

वर्ष 1995 में दर्ज हत्या के मुकदमे में जेल जाने के बाद जमानत पर छूटकर वह मुंबई से अपने गांव आ गया था। इसके बाद उसने अपनी पहचान छिपाकर साधु का भेष बना लिया और सर्पमित्र के रूप में रहने लगा। मोबाइल लोकेशन के जरिये उसकी तलाश पूरी हुई तो मुंबई पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने दो दिन तक खानपुर क्षेत्र में डेरा डालकर उसे दबोचा।

कांदिवली पुलिस की इंस्पेक्टर माधवी कड़व ने बताया कि खानपुर थाना क्षेत्र के अहलादपुर गांव निवासी पारस यादव पुत्र शंकर यादव मुंबई के कांदिवली में रहता था और वही पर ऑटो चलाकर जीवकोपार्जन करता था। रेलवे स्टेशन से सवारियों को छोड़ना और ले जाना उसकी दिनचर्या बनी हुई थी, इसी बीच उसका परिचय मुंबई के ही कांदिवली निवासिनी एक महिला से हो गई। जिसके बाद से पारस का महिला के घर आना जाना लगा रहता था। वही कुछ महीनों बाद पारस और महिला के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई, जिसके बाद पारस ने महिला को जलाकर मार डाला। 

मुंबई में महिला की हत्या के मामले में करीब 31 साल से जारी गैर जमानती वारंट पर कांदिवली पुलिस ने बुधवार को गाजीपुर के अहलादपुर गांव से पारस यादव को गिरफ्तार कर गाजीपुर न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस उसे अपने साथ ले गई है।

वर्ष 1995 में दर्ज हत्या के मुकदमे में जेल जाने के बाद जमानत पर छूटकर वह मुंबई से अपने गांव आ गया था। इसके बाद उसने अपनी पहचान छिपाकर साधु का भेष बना लिया और सर्पमित्र के रूप में रहने लगा। मोबाइल लोकेशन के जरिये उसकी तलाश पूरी हुई तो मुंबई पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने दो दिन तक खानपुर क्षेत्र में डेरा डालकर उसे दबोचा।

कांदिवली पुलिस की इंस्पेक्टर माधवी कड़व ने बताया कि खानपुर थाना क्षेत्र के अहलादपुर गांव निवासी पारस यादव पुत्र शंकर यादव मुंबई के कांदिवली में रहता था और वही पर ऑटो चलाकर जीवकोपार्जन करता था। रेलवे स्टेशन से सवारियों को छोड़ना और ले जाना उसकी दिनचर्या बनी हुई थी, इसी बीच उसका परिचय मुंबई के ही कांदिवली निवासिनी एक महिला से हो गई। जिसके बाद से पारस का महिला के घर आना जाना लगा रहता था। वही कुछ महीनों बाद पारस और महिला के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई, जिसके बाद पारस ने महिला को जलाकर मार डाला। 



Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement