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मुंबई : किसी भी समाज को कुछ भी छीने बिना मराठा समाज को स्वतंत्र आरक्षण दिया गया है, ऐसे में किसी को भी सुप्रीम कोर्ट जाकर मराठा आरक्षण के आड़े नहीं आना चाहिए।  शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्घव ठाकरे ने यह अपील करते हुए कहा कि मराठा आरक्षण के आड़े कोई भी आया तो शिवसेना पूरी ताकत से मराठा समाज के समर्थन में खड़ी रहेगी।

बंबई उच्च न्यायालय के मराठा आरक्षण कानून को वैध करार देने के निर्णय के बाद शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मराठा समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिवसेना भवन  में उद्घव ठाकरे से मुलाकात की। इनमें मराठा आरक्षण के याचिकाकर्ता विनोद पाटिल, मराठा क्रांति मोर्चा के राज्य समन्वयक वीरेन पाटिल के अलावा मराठा आरक्षण के समर्थन में  अदालत में पक्ष रखने वाले वकीलों ने उद्घव ठाकरे से मुलाकात कर मराठा आरक्षण को समर्थन देने के लिए शिवसेना पक्ष प्रमुख का आभार प्रकट किया। प्रतिनिधिमंडल ने उद्घव ठाकरे को बताया कि बंबई उच्च न्यायालय के मराठा आरक्षण कानून को वैध ठहराने के बाद कई लोग सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण को चुनौती देने की तैयारी में है। इस पर ठाकरे ने  मराठा आरक्षण में किसी का भी हक नहीं मारा गया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट नहीं जाना चाहिए और विवाद में नहीं पड़ना चाहिए तथा मराठा आरक्षण में बाधा पैदा नहीं करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण का विरोध कर मराठा-गैर मराठा का विवाद पैदा नहीं करें। सभी छत्रपति शिवाजी के समर्थक बनकर एकसाथ आए और एकजुटता दिखाएं। यह बात  कहते हुए शिवसेना पक्ष प्रमुख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में यदि आरक्षण का विरोध हुआ तो शिवसेना पूरी ताकत से मराठा समाज के समर्थन में खड़ी रहेगी। दिल्ली में जो भी मदद  लगेगी, वह शिवसेना करेगी। उद्घव ने कहा कि मराठा समाज को 16 फीसदी आरक्षण देने की हमारी आज भी इच्छा है। तीन फीसदी आरक्षण के बारे में जल्द ही मार्ग तलाशा  जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा आरक्षण का श्रेय लेने के लिए कुछ भी नहीं किया है।  


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