स्पेशल नहीं ठग स्पेशल! भुसावल में यात्रियों का आंदोलन
मुंबई : रेलवे गर्मी की छुट्टियों में कोच का जुगाड़ कर स्पेशल ट्रेन चला रही है, साथ ही इसके एवज में यात्रियों से स्पेशल ट्रेन के नाम पर अधिक किराया भी वसूल रही है। यात्री स्पेशल ट्रेन का अधिक किराया देने के बावजूद ठगे महसूस कर रहे हैं क्योंकि न तो ट्रेन का एसी काम कर रहा है और न ही ट्रेन में साफ-सफाई की कोई सुविधा यात्रियों को मिल रही है। पिछले दिनों यूपी से मुंबई आ रही समर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को रेलवे की इसी ठगी का सामना करना पड़ा।
ट्रेन में सफर कर रहे यात्री संतोष तिवारी के अनुसार प्रयागराज-मुंबई की यात्रा के दौरान सारे यात्रियों को रेल कर्मचारियों की अभद्रता का शिकार होना पड़ा। संतोष सहित तमाम यात्री १५ जून को प्रयागराज स्टेशन से ट्रेन न.०४११५ समर स्पेशल के बी ५ कोच में मुंबई आ रहे थे। एसी चालू नहीं था। पता चला ट्रेन जब गति पकड़ेगी तो बैट्री चार्ज होगी, तभी एसी चलेगा। ट्रेन चली पर एसी नहीं चला। सतना जंक्शन पर जब गाड़ी पहुंची तो लोगों ने जंजीर खींचकर ट्रेन को रोके रखा। रेल अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद कि जबलपुर में सब ठीक करने के बाद ही गाड़ी आगे बढ़ेगी। जबलपुर में कुछ मैकेनिक आए और एसी चला दिया लेकिन सुबह फिर वही हालत। एक मोटे केबल के सहारे एक डिब्बे की बैट्री को अन्य डिब्बों की बैट्री से कनेक्ट करके गाड़ी का एसी चलाया गया था। भुसावल तक यात्रियों का सब्र जवाब दे गया। यात्रियों ने वहां असिस्टेंट स्टेशन मास्टर के ऑफिस में विरोध किया। संतोष तिवारी ने आगे बताया कि आरपीएफ हम लोगों को सहयोग कर रही थी इसी बीच वहां का एनाउंसर अंदर आया और उसने को-पैसेंजर प्रताप सिंह पाटील से हाथापाई शुरू कर दी। जब मैंने हस्तक्षेप किया तो उन्हें छोड़कर वह टी शर्ट पकड़कर मुझे घसीटने लगा। यदि अन्य यात्री आगे न बढ़ते तो मुझे वह शारीरिक चोट भी पहुंचा सकता था। स्टेशन मास्टर सहायता करने के बदले लापता हो गया। अंत में फोर्स बुलाई गई। स्टेशन डायरेक्टर आए, उन्होंने हम सबके सामने लेकिन फोन पर उस एनाउंसर को हटाने का आदेश दिया। हर एसी डिब्बे में मुंबई तक के लिए टेक्निशियन मुहैया करवाया। पूरी ट्रेन की साफ-सफाई करवाकर मुंबई रवाना किया।