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मुंबई : महानगर में झमाझम बारिश हो रही है। इससे लंबे समय से जारी गर्मी और उमस से तो राहत मिली है, लेकिन अब मॉनसूनी समस्याएं यानी इस दौरान होने वाली बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। महानगर के डॉक्टरों के अनुसार, पिछले 10-15 दिनों में मच्छरजनित बीमारियों सहित पानीजनित बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं। मॉनसून के दौरान होने वाली मुख्य बीमारियों में शामिल डेंगी, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस न केवल घातक हैं, बल्कि जानलेवा भी हैं। पिछले साल मुंबई में डेंगी के एक हजार से अधिक मामले सामने आए थे, वहीं इस बीमारी के कारण 14 लोगों की मौत भी हुई थी। इस साल केवल जून की बात करें तो बीएमसी अस्पतालों में डेंगी के 9, जबकि मलेरिया के 310 मरीज सामने आए थे। इसमें प्राइवेट अस्पतालों के आंकड़े शामिल नहीं हैं। 

बॉम्बे अस्पताल के जनरल फिजिशन डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया कि बारिश के बाद से मच्छरजनित और पानीजनित बीमारियों के मामले सामने आने लगे हैं। परेशानी वाली बात यह है कि इनमें हर रोज इजाफा हो रहा है। संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश शुरू होने के पहले पखवाड़े में डेंगी का एकाध मरीज इलाज के लिए आता था, हालांकि अब हर हफ्ते 4-5 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। चेंबूर स्थित जेन हॉस्पिटल के डॉक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई तक उनके पास भी डेंगी के 10, मलेरिया के 2 और स्वाइन फ्लू के 16 मामले सामने आए हैं। 

डॉक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार, डेंगी, मलेरिया के अलावा पेट से संबंधित बीमारियों के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसमें गैस्ट्रो, हेपेटायटिस ए और ई मुख्य रूप से शामिल हैं। डॉ. ओम श्रीवास्तव ने बताया कि पेट से संबंधित बीमारियों की सबसे बड़ी वजह दूषित खाना और पानी है। बारिश के दौरान दूषित पानी की समस्या सहित दूषित खाने की भी समस्या काफी बढ़ जाती है, इसलिए जरूरी है कि आप जो भी खाएं, उसकी गुणवत्ता और सोर्स पर जरूर ध्यान दें। बेहतर होगा पानी उबालकर पीएं। बता दें कि जून में पेट से संबंधित बीमारियों के 600 से अधिक मामले सामने आए थे। 


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