हादसों से परेशान सेंट्रल रेलवे ने करवाई नवग्रह पूजा
मुंबई : हाल ही के हफ्तों में हुई दुर्घटनाओं से परेशान होकर सेंट्रल रेलवे ने अब ईश्वर की शरण ली है। सेंट्रल रेलवे की मुंबई डिविजन ने शनिवार को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर नवग्रह पूजा का आयोजन किया था। दो घंटे चली यह पूजा ग्रहों के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए की गई थी। इस पूजा को कराने वाले सुनील शास्त्री पिछले 9 वर्षों से वडाला में ही रह रहे हैं। उन्हें अमेठी के श्रीमद् परमहंस आश्रम संस्कृत महाविद्यालय से आचार्य की उपाधि मिली है। सुनील शास्त्री ने इस पूजा के बारे में बताते हुए कहा, 'शुक्रवार शाम को मुझे रेलवे के एक सीनियर अफसर का फोन आया था। उन्होंने मुझसे अगले दिन यह पूजा कराने को कहा था। यह पूजा उग्र ग्रहों को शांत कराने के लिए की गई थी ताकि उनका दुष्प्रभाव कम हो सके।' रेलवे सूत्रों का कहना है कि पिछले एक महीने से सेंट्रल रेलवे को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया, 'जून से अब तक मुंबई डिविजन के घाट सेक्शन में ट्रैक पर चट्टान गिरने और भूस्खलन के सात मामले हो चुके हैं। इसके अलावा इसी बीच में दो मालगाड़ियां पटरी से उतरी हैं। ऐसी एक घटना के बाद पटरियों को ठीक करने में एक सप्ताह का समय लगता है। पिछले गुरुवार को हार्बर लाइन पर दो बार गड़बड़ी हुई थी।'
वहीं नैशनल रेलवे मजदूर यूनियन के जनरल सेक्रटरी वेणु नायर का कहना है कि पूजा और हवन से रेलवे को कोई लाभ नहीं होने वाला। वह कहते हैं, 'यह पहली बार है जब हमने सुना है कि नवग्रह पूजा की गई है। किसी भी सामान्य कर्मचारी ने इसमें हिस्सा नहीं लिया, केवल वरिष्ठ अधिकारी ही इसमें शामिल हुए थे। इनसे कोई फायदा नहीं होने वाला, अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो सामान्य कर्मचारी को शांति से काम करने दें।' हालांकि सीपीआरओ सुनील उदासी ने नवग्रह पूजा जैसे किसी भी आयोजन से इनकार किया। उनका कहना था, 'यहां कोई विशेष पूजा नहीं की गई है। यहां स्टाफ ने पूजा करवाई होगी। हम हर साल यहां पूजा करवाते हैं।'