उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश जारी, कई राज्यों में बाढ़ के बने हालात, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
नई दिल्ली: उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. पंजाब में भाखड़ा बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के चलते चेतावनी जारी की गई है. दिल्ली में शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर चेतावनी के स्तर के करीब पहुंच गया. वहीं, बाढ़ग्रस्त केरल में हालात सामान्य हो रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अगले 48 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. जम्मू क्षेत्र के कठुआ और सांबा जिले अचानक आई बाढ़ से प्रभावित हैं. अचानक आई बाढ़ में शनिवार को जम्मू में एक 47 वर्षीय व्यक्ति बह गया जबकि कठुआ और सांबा जिलों में 15 लोगों को बचा लिया गया. जम्मू क्षेत्र के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है जिसके चलते तावी नदी समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि कटरा में शुक्रवार रात से सबसे अधिक 133.4 मि.मी. बारिश हुई है.
आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश हुई है जहां कृष्णा नदी में उफान के चलते दो जिलों के 87 गांव और सैंकड़ों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने एक लड़की का शव बरामद किया है जो कृष्णा जिले में उफनती नदी में बह गई थी. कृष्णा और गुंटूर जिलों में 11,553 लोगों को 56 राहत शिविरों में भेजा गया है जहां उन्हें भोजन और पेयजल मुहैया कराया जा रहा है. राज्यपाल विश्वभूषण हरिचन्दन ने कृष्णा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, जबकि मंत्रियों ने विजयवाड़ा शहर में प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की. हिमाचल प्रदेश में उफनते बांध से 17 वर्षीय किशोर का शव बहता मिला है. राज्य में भूस्खलन की घटनाओं के चलते कई सड़कें बंद हैं. कांगड़ा जिले के सभी शैक्षिक संस्थानों को भी मूसलाधार बारिश के चलते शनिवार को बंद रखने के लिये कहा गया. पालमपुर के निकट बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचा लिया गया.
पंजाब में भाखड़ा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश की वजह से जमा हुए अतिरिक्त पानी को छोड़ा गया है जिसके चलते कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 203.27 मीटर पहुंच गया जो कि चेतावनी स्तर (204.5 मीटर) से थोड़ा नीचे है. बाढ़ की किसी भी संभावना से निपटने के लिये एजेंसियां स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं. राजस्थान में सैंकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, वनस्थली, भीलवाड़ा और सीकर में क्रमश: 104.5 मिमी, 88.2 मिमी 79 मिमी 42.1 मिमी, 41 मिमी और 37.4 मिमी बारिश हुई है. केरल में हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं और लोग राहत शिविरों से अपने घरों की तरफ जाने लगे हैं.
उधर, पंजाब में भाखड़ा बांध के आस पास के इलाकों में भारी बारिश होने के कारण बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के कई जिलों में चेतावनी जारी की गयी है. अधिकारियों ने बताया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के अधिकारियों ने 17 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा है और कुल 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाना है. उन्होंने बताया कि बाकी बचे 36 हजार क्यूसेक पानी बिजली उत्पादन के लिए इसके इस्तेमाल के बाद छोड़ा जाएगा. अधिकारी ने बताया कि स्थिति की नजदीक से निगरानी की जा रही है. भाखड़ा बांध में शनिवार को जलस्तर 1674.5 फुट से अधिक दर्ज किया गया जो पिछले साल की इसी अवधि की अपेक्षा 60 फुट अधिक है. इसका अधिकतम भंडारण क्षमता 1680 फुट है.
अधिकारी ने बताया कि भाखड़ा बांध में पानी की आवक 59,000 क्यूसेक दर्ज की गई है. शनिवार को पंजाब के लुधियाना, अमृतसर, मोहाली और राजधानी चंडीगढ़ में भारी बारिश हुई है. अधिकारी ने बताया कि भाखड़ा से पानी छोड़े जाने के बाद प्रदेश के रूपनगर, लुधियाना, फिरोजपुर और निचले क्षेत्र में चेतावनी जारी की गई है. सतलज नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अतिरिक्त पानी और लगातार बारिश होने के कारण रूपनगर जिले के आनंदपुर साहिब में सतलज नदी से सटे कुछ गांवों में फसलों के पानी में डूब जाने की खबरें हैं.