Latest News

मुंबई : किसी को चैलेंज करने की परंपरा भारत में नई नहीं है, पर कोई चोर ही पुलिस को उसे पकड़ने का चैलेंज देगा, इसकी कल्पना किसी ने की थी। किशोर पवार उर्फ बंटी ने खार पुलिस को तीन साल पहले यह चैलेंज दिया था। बुधवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। डीसीपी परमजीत सिंह दहिया ने गुरुवार को बताया, हमने बंटी के साथ ही उसके साथी राहुल गुरव को भी पकड़ा है। दोनों के पास से करीब 3 करोड़ रुपये कीमत का सामान जब्त किया गया है। इनमें महंगी घड़ियां, सोने, हीरे के आभूषण, कैमरे, मोबाइल फोन और विदेशी फोन शामिल हैं। पुलिस को दोनों आरोपियों के पास से डॉलर, यूरो और भारतीय नोट भी मिले हैं। बंटी के खिलाफ पूरे मुंबई में 100 से ज्यादा सेंधमारी के केस हैं। 

बंटी को साल 2016 में खार पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस वक्त दत्तात्रय भरगुडे इस पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर थे। बंटी ने उन्हें चैलेंज किया था कि वह जब भी जमानत पर बाहर आएगा, खार इलाके में फिर चोरियां करेगा। पुलिस उसे पकड़ सके, तो पकड़कर दिखाए। 

पुलिस ने उस वक्त इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पर, एकाएक पिछले कुछ दिनों में खार इलाके में चोरियों की वारदात बढ़ गईं। इसके बाद खार जोन के एसीपी भरगुडे को बंटी को 2016 वाली चुनौती याद आ गई। उन्होंने फौरन इसके बारे में जानकारी निकलवाई तो पता चला कि वह तो साल 2018 में जेल से बाहर आ गया है। तब शक उसी पर गया। 

पुलिस ने फिर सेंधमारी वाली जगहों के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उसमें एक जगह बंटी और राहुल साथ-साथ दिख रहे थे। इसके बाद खार पुलिस स्टेशन के नए सीनियर इंस्पेक्टर गजानन काब्दुले को इसकी खोजबीन का जिम्मा सौंपा गया। पहले उनके हाथ राहुल गुरव लगा और उससे पूछताछ में फिर किशोर पवार उर्फ बंटी पकड़ा गया। बंटी ने पिछले साल जमानत पर बाहर आने के बाद कुल 20 जगह सेंधमारी की। इनमें अकेले 16 केस खार के हैं। उसके साथ जो राहुल पकड़ा गया, उसकी बंटी से जेल में ही पहचान हुई थी। तब राहुल किसी और केस में जेल में बंद हुआ था। 

डीसीपी दहिया के अनुसार, बंटी कोई भी सेंधमारी से पहले उस इलाके की रेकी करता था ताकि घर में घुसने और निकलने में उसे कोई दिक्कत न हो। वह अममून उन बिल्डिंगों को चुनता था, जहां रिपेयरिंग का काम चल रहा होता था। रिपेयरिंग के लिए बिल्डिंगों में बांस के बामू लगे होते हैं। खार, बांद्रा, जुहू, सांताकूज मुंबई के पॉश इलाके माने जाते हैं, जहां सेलिब्रेटी या आर्थिक रूप से बेहद संपन्न लोग ही रहते हैं। अपने घरों का लुक खराब न दिखे, इसलिए वे घरों की बालकनी या खिड़कियों में ग्रिल लगाते ही नहीं हैं। बंटी इसी का फायदा उठाता था। 

उसे यह भी पता था कि जब लोग घर से बाहर रहते हैं, तो घर की आलमारी वगैरह में लॉक लगा कर जाते हैं। जब वे घर में रहते हैं, तो उनकी आलमारी भी खुली रहती है और महंगे-महंगे सामान भी घर में यों बिखरे पड़े रहते हैं। इसीलिए वह घरों में चोरी तभी करता था, जब लोग घरों में हों। एक केस में घर वाले सुबह घर में नाश्ता कर रहे थे और वह अंदर कमरे में आलमारी में रखे गहने लेकर खिड़की से ही फरार हो गया। 

कई केसों में तो लोगों को पता ही नहीं चला कि उनके यहां कब चोर आया और कब चोरी करके भाग गया। वह किसी भी घर में मुश्किल से 30 सेकंड से 2 मिनट तक रहता था। वह घर में सामान निकालता था, जेब में भरता था और फिर बांबू से उतरकर भाग जाता था। वह चोरी के लिए कभी भी बैग लेकर घर में नहीं घुसता था। जितना भी माल जेब में आ सके, उतना भर लेता था। लेकिन एक केस में जब घर मालिक वॉशरूम में था, उसने घर में रखा जिम का बैग उठाया और फिर उसमें घर में रखा सामान, नकदी लेकर भाग गया। उसने कई ऐसी घड़ियां चुराईं, जिनकी कीमत 30-30 लाख रुपये तक है। 


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement