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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और कंजरवेटिव पार्टी के नेता बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) और यूके की लेबर पार्टी के सिख सांसद तनमनजीत सिंह (Tanmanjeet Singh Dhesi) की तीखी बहस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस वीडियो में तनमनजीत सिंह बोरिस जॉनसन द्वार की गई नक्सलीवादी टिप्पणी पर उनसे माफी मांगने को कह रहे हैं. दरअसल, ब्रिटिश संसद में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 15 अक्टूबर को मध्यावधि चुनाव (समय पूर्व चुनाव) कराने का प्रस्ताव रखा. इसी दौरान सिख सांसद तनमनजीन सिंह ने उन्हें साल 2018 में की गई नक्सलीवादी टिप्पणी याद दिलाई और माफी मांगने को कहा. वह 24 जुलाई 2019 को ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे. तनमनजीत सिंह की इस वीडियो को 10 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है, आप भी देखिए ये वायरल वीडियो... दरअसल, साल 2018 में बोरिस जॉनसन ने द टेलीग्राफ़ के एक आर्टिकल में लिखा था कि जो महिलाएं बुर्क़ा पहनती हैं वो किसी लेटरबॉक्स या बैंक लूटने वाले की तरह दिखाई देती हैं. उनकी इसी टिप्पणी पर तनमनजीत सिंह ने उनसे माफ़ी की मांग की है. तनमनजीत सिंह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं पर की गई ऐसी टिप्पणी गलत है. उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई मुझे टॉवल हेड, तालिबानी या फिर बोन्गो-बोन्गो लैंड से आया हूं व्यक्ति कहता है तो हम भी उसी दर्द से गुजरते हैं, जिनसे वो मुस्लिम महिलाएं गुजरती हैं जिनपर आपने टिप्पणी की.
भारतीय मूल के सिख तनमनजीत सिंह ढेसी उर्फ टैन ढेसी ब्रिटेन के पहले सिख यानी पगड़ीधारी सांसद हैं. उन्होंने इंग्लैंड में साल 2017 में यह इतिहास रचा. इससे पहले वह इंग्लैंड के ग्रावसेंड शहर में यूरोप के सबसे युवा सिख मेयर रह चुके हैं. 41 साल के तनमनजीत सिंह का जन्म इंग्लैंड में ही हुआ. उनके पिता जसपाल सिंह ढेसी ब्रिटेन के सबसे बड़े गुरुद्वारा (ग्रावसेंड, केंट में बना गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके साथ ही वह यूके में कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते हैं.
तनमनजीत सिंह ने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से गणित और मैनेजमेंट में बैचलर की. इसके बाद ऑक्सफोर्ड के केबल कॉलेज में स्टैटिक्स की पढ़ाई की और कैम्ब्रिड के फिट्ज़विलियम कॉलेज से फिलॉसिफी में मास्टर्स की.
तनमनजीत सिंह ने ग्रावसेंड, से ही अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और 8 जून 2017 को ब्रिटेन के पहले पगड़ीधारी सांसद बने. गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन इस वादे के साथ प्रधानमंत्री बने थे अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेक्जिट (Britain Exit यानी यूरोपियन यूनियन (EU) से ब्रिटेन को निकालना) पर समझौता नहीं हुआ तो भी ब्रिटेन खुद यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा. वहीं, इस समझौते का विरोध कर रहे लोग चाहते हैं कि यह समयसीमा बढ़ाई जाए. लेकिन बोरिस ने ब्रेक्जिट के लिए समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग करने के बजाय आम चुनाव कराने का प्रस्ताव पेश किया है. वहीं, उनके आलोचकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस तरह अलग होने से आर्थिक नुकसान होगा.
अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने 15 अक्टूबर को देश में मध्यावधि चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा है. समय पूर्व चुनाव कराने का विधेयक पेश करते हुए उन्होंने कहा, "मैं चुनाव नहीं चाहता, जनता भी चुनाव नहीं चाहती लेकिन इस सदन ने इसके अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा कि जनता यह तय करे कि वह किसे प्रधानमंत्री देखना चाहती है."
बता दें, उनके चुनाव कराने वाले प्रस्ताव पर ब्रिटेन के 650 सांसदों में से दो तिहाई का समर्थन जरूरी है. हालांकि इस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि विपक्षी लेबर पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह जॉनसन के चुनाव कराने वाले प्रस्ताव के पक्ष में वोट नहीं करेगी.

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