45 लाख की चोरी, शक की सुई कर्मचारियों पर भी
मुंबई : लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर 45 लाख रुपये की चोरी होने से रेलवे सकते में है। इस मामले में कुर्ला जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन यहां के चीफ बुकिंग सुपरवाइजर के बयान से संदेह की सुई रेलवे कर्मचारियों पर भी जा रही है। सुपरवाइजर सुनील रामचंद्र तलतुंबडे द्वारा जीआरपी को दिए गए बयान के अनुसार, 22 सितंबर को शाम 4 बजे से 23 सितंबर रात 2:51 के बीच एलटीटी के बुकिंग ऑफिस से अज्ञात चोर ने 44,29,501 रुपये पार कर लिए। सुनील ने बयान में बताया कि चोरी के दौरान वो अपने घर पर सो रहे थे, तब रात में उन्हें फोन आया। उन्होंने बताया कि जब वो ड्यूटी पर नहीं होते हैं, तब विनोद पिल्लै और समीर ताहराबादकर उनकी भूमिका निभाते हैं। इनका काम होते हैं बुकिंग क्लर्क से कैश लेकर तिजोरी में सुरक्षित रखना।
सुनील ने जीआरपी को दिए अपने बयान में बताया कि किसी बाहरी व्यक्ति का कैश रूम में जाना संभव नहीं है, इसलिए अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि 22 सितंबर को दिन की शिफ्ट चेंज करने के दौरान विनोद पिल्लै ने आधिकारिक तौर पर समीर ताहरबादकर को चाभी न देते हुए, बुकिंग क्लर्क पंकज कुमार सिंह को तिजोरी की चाभी देकर निकल गया। इसी तरह रात की शिफ्ट के कैशियर समीर के पास कैश रूम की चाभी होने और चोरी होने के बाद जो सूचना सीनियर को दी जानी चाहिए, वो नहीं दी। इस मामले में इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित कर्मचारियों की भी जांच की जाए।