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मुंबई : डी कंपनी के जिस शूटर मुन्ना झिंगाडा के खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच पिछले साल थाईलैंड की निचली अदालत में केस जीत गई थी, ऊपरी अदालत ने उस केस में पिछले सप्ताह पाकिस्तान के पक्ष में फैसला सुनाया। भारत मुन्ना को अपना नागरिक मुजक्किर मुदस्सर हुसैन बता रहा है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह उसका नागरिक मोहम्मद सलीम है। मुन्ना झिंगाडा मूल रूप से मुंबई के जोगेश्वरी इलाके का रहने वाला है। दो दशक पहले उसने छोटा शकील, दाऊद इब्राहिम और शरद शेट्टी के कहने पर बैंकॉक में छोटा राजन पर गोलियां चलाई थीं, जिसमें राजन घायल हो गया था, लेकिन उसका साथी रोहित वर्मा उस शूटआउट में मारा गया था।

मुंबई क्राइम ब्रांच, आईबी और भारत की अलग-अलग एजेंसियों ने अपने-अपने सूत्रों से जो इनपुट्स निकाले हैं, उस आधार पर जांच एजेंसियों को शक है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने चीन के जरिए थाईलैंड की ऊपरी अदालत को 'मैनेज' किया है। मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, थाईलैंड प्रशासन पर चीन सरकार का बहुत दबदबा है। इसीलिए उन्हें पूरा शक है कि आईएसआई ने चीन के जरिए वहां की ऊपरी अदालत को भी मैनेज किया है।

इस अधिकारी के अनुसार, 'हमें दो-तीन साल पहले भी आईएसआई द्वारा चीन के जरिए थाईलैंड प्रशासन पर दबाव डलवाने के इनपुट्स मिले थे। लेकिन हमने इसकी काट के लिए मुन्ना झिंगाडा के खिलाफ वहां की कोर्ट में इतने ज्यादा सबूत दिए थे कि निचली अदालत के पास हमारे पक्ष में फैसला सुनाने के सिवाय कोई विकल्प ही नहीं बचा था। हालांकि मुन्ना झिंगाडा ने निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन हमें पूरी उम्मीद थी कि हम अपने पुराने सबूतों पर ऊपरी कोर्ट से भी जीतेंगे, पर आश्चर्यजनक रूप से फैसला हमारे खिलाफ चला गया। उसी के बाद हमें लगता है कि आईएसआई ने चीन के जरिए वहां की ऊपरी अदालत को मैनेज किया है।'

इस अधिकारी के अनुसार, हमने वहां की अदालत को मुन्ना झिंगाडा के मुंबई में दर्ज केसों में से पांच के फिंगर प्रिंट्स भेजे थे। उन फिंगर प्रिंट्स का वहां मिलान भी हो गया था। इसके अलावा हमने उसका बर्थ सर्टिफिकेट, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट , वोटर लिस्ट में उसके नाम से जुड़े सबूत व वो सभी ऐविडेंस दिए थे, जिससे साबित हो सके कि मुन्ना झिंगाडा भारतीय है। वहां की निचली अदालत ने इन सबूतों को सही भी माना था, लेकिन ताज्जुब कि ऊपरी अदालत को पाकिस्तान की फर्जी कहानी सही लगी। पाकिस्तान ने मुन्ना झिंगाडा का फर्जी पाकिस्तान पासपोर्ट पेश किया, ताकि लगे कि वह पाकिस्तानी है। लेकिन इस अधिकारी के अनुसार, उन्हें लगता है कि मुन्ना झिंगाडा के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह गई कि उसके दो बेटों का जन्म पाकिस्तान में हुआ। पाकिस्तान ने इन बच्चों का पाकिस्तान का बर्थ सर्टिफिकेट सौंप दिया। मुन्ना झिंगाडा की पत्नी भारतीय है, पर शादी के बाद वह भी मुन्ना झिंगाडा के साथ भागकर पाकिस्तान चली गई थी।

ऊपरी अदालत से आए फैसले के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या मुन्ना झिंगाडा को बैंकॉक से पाकिस्तान भेज दिया गया है? मुंबई पुलिस के पास इसे बारे में अब तक सही जानकारी नहीं आई है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, जहां तक उन्हें जानकारी है , मुन्ना इस वक्त बैंकॉक की जेल में नहीं है। तीन-चार दिन पहले उसे इमिग्रेशन के लिए जेल से बाहर लाया गया था। लेकिन जेल में न रहने के बावजूद क्या उसे पाकिस्तान भेज दिया गया है, इस बारे में पक्के इनपुट्स मुंबई नहीं आए हैं। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, ऊपरी अदालत में केस हारने के बाद मुंबई पुलिस और दिल्ली स्थित केंद्रीय एजेंसियों के पास अब कोई कानूनी विकल्प बचा ही नहीं हैं। लेकिन एक अन्य अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से मुन्ना झिंगाडा से जुड़े सभी जरूरी कागजात फिर मंगवाए गए हैं। इससे साफ है कि केंद्र सरकार ने इस केस में अभी भी उम्मीद छोड़ी नहीं है और सरकार के स्तर पर इस केस में अब नई कोशिशें फिर शुरू हो गई हैं।

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