जेल में बंद राकांपा विधायक को फ्लैट में लाने वाला उपनिरीक्षक बर्खास्त
ठाणे : डेमोक्रेटिक अन्ना भाऊ साठे महामंडल में हुए भ्रष्टाचार के आरोप में ठाणे जेल में बंद राकांपा विधायक और सोलापुर के मोहोल निर्वाचन क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी रमेश कदम को निजी वाहन से घोड़बंदर रोड स्थित इमारत के एक फ्लैट में ले जाने वाले पुलिस उप निरीक्षक को ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसलकर ने बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए उनपर विभागीय जांच बिठा दिया है। पुलिस आयुक्त फनसलकर के इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि साठे महामंडल में हुए घोटाले में लिप्त राकांपा विधायक रमेश कदम के खिलाफ साल 2015 में मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद राकांपा ने रमेश कदम को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। वहीं मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने कदम को गिरफ्तार कर लिया था। उसी समय से वे न्यायिक हिरासत में हैं। ठाणे जेल में बंद राकांपा विधायक रमेश कदम के सीने में दर्द की शिकायत होने पर सोमवार को जेल के स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच कर आगे की जांच के लिए कदम को मुंबई के जेजे अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। स्वास्थ्य अधिकारी की सलाह पर शुक्रवार को ठाणे पुलिस की एस्कॉर्ट पार्टी पूरी सुरक्षा के साथ पुलिस वाहन से मुंबई के जेजे अस्पताल ले गई। वहां मेडिकल परिक्षण के बाद वापस कदम को उसी सुरक्षा प्रबंध के साथ जेल वापस लाना था, लेकिन एस्कॉर्ट टीम के प्रभारी पुलिस निरीक्षक रोहिदास पवार नियमों को ताक पर रखते हुए मुंबई से ही एक निजी वाहन में बैठकर अपने चार पुलिसकर्मियों को साथ लेकर ठाणे जेल की तरफ आ रहा था। इसी बीच उसने घोड़बंदर रोड स्थित एक पार्सल लेने का बहाना कर वाहन को उस ओर मोड़ लिया। वाहन ओवला स्थित पुष्पांजलि इमारत में पहुंच गई। इसके बाद राकांपा विधायक सहित सभी इमारत के तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट क्रमांक 301 में पहुंच राजू खरे से मिले। वहां से एक पार्सल लेकर वे वहां से निकलने की तैयारी में थे कि सूचना पर पहुंची ठाणे पुलिस की अपराध प्रकोष्ठ की यूनिट एक ने राकांपा विधायक कदम और राजू खरे से 53 लाख 46 हजार रुपए बरामद कर लिया। इस मामले में शनिवार को पुलिस उपायुफ्त ने दोषारोपण रिपोर्ट पुलिस आयुक्त विवेक फनसलकर को सौंप दिया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आयुक्त फनसलकर ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में कार्यरत उप निरीक्षक रोहिदास पवार को हमेशा के लिए सेवा से बर्खास्त कर दिया, जबकि पुलिसकर्मी दिलीप चव्हाण, दत्तू खताड़े, उत्तम कांबले और विकास गायकवाड़ को निलंबित कर दिया गया। निलंबित पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच बिठा दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर इन चारों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि सभी के खिलाफ धारा 311 (2) (बी) के तहत कार्रवाई हुई है।