लापता युवती का शव मिलने पर भड़के परिजन, चक्का जाम कर किया प्रदर्शन
वाराणसी: महिला अपराध को लेकर पूरे देश में भड़के आक्रोश के बावजूद देश के सबसे बड़े सूबे में आपराधिक घटनाएं नहीं रुक रहीं. सरकार हेल्पलाइन नंबर जारी कर रही है, पुलिस के चौकस होने का दावा कर रही है, लेकिन एक के बाद एक महिलाएं और युवतियां आपराधिक वारदातों का शिकार हो रही हैं. ताजा मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है, जहां 11 दिसंबर से लापता एक युवती का शव मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए. आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और मलदहिया चौराहे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया. जानकारी के अनुसार युवती के लापता होने की रिपोर्ट परिजनों ने 12 दिसंबर को सिगरा थाने में दर्ज कराई थी. इस संबंध में युवती के भाई ने अगवा कर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे 11 दिसंबर की शाम को अगवा किया गया था. इसके बाद हम सिगरा थाने गए. पुलिस ने चेतगंज थाने का मामला बताते हुए रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया. उसने पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमें पहले दौड़ाया गया, फिर अपहरण की बजाय सिर्फ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. भाई ने बताया कि चौबेपुर क्षेत्र में मिले शव के संबंध में भी हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. समाचार पत्र में पढ़ा तब अपने स्तर से शव के संबंध में जानकारी जुटा पंडित दीनदयाल अस्पताल पहुंचकर शिनाख्त की.
भाई ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भी हमें शव देखने से रोका गया. वहां पुलिस बुलाने के लिए कहा गया. उसने कहा कि इस मामले की तफ्तीश कर रहे अधिकारी से संपर्क करने पर उनके तीन दिन से प्रयागराज में होने की जानकारी मिली. भाई ने सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति यहां है ही नहीं, उसे मामले की तफ्तीश सौंपी ही क्यों गई. उसने कहा कि बहन का नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया था, लेकिन उसे भी अभी तक ट्रैस नहीं किया गया. परिजनों के प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि इन्हें जिसपर भी शक है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नंबर निकाले गए हैं. उन्होंने पोस्टमार्टम कराए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इस मामले में जिसकी भी गलती पाई जाएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सीओ ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने की जानकारी दी और कहा कि चौराहों पर लगाए गए सभी सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं.