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गुड़िया गैंगरेप केस में कोर्ट ने गुरुवार को दोषियों की सजा पर फैसला सुना दिया. कड़कड़डूमा कोर्ट ने मामले में दोषी प्रदीप और मनोज को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके अलावा दोषियों को गुड़िया को 11 लाख का हर्जाना और राज्य सरकार को 20 हजार का जुर्माना देना होगा. पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 6 के तहत दोषियों को सजा हुई है. पीड़ित पक्ष के वकीलों ने दोनों दोषी प्रदीप और मनोज को उम्रकैद की सजा देने की मांग की थी. सरकारी वकील ने अधिकतम सजा की मांग की थी. उन्होंने कहा है कि पीड़िता की उम्र सिर्फ 5 साल थी, जब उसके साथ दोनों ने गैंगरेप किया था. सजा के ऐलान के बाद गुड़िया के पिता ने रोते हुए कहा, ऐसे लोगों को फांसी से कम नहीं होनी चाहिए. मेरी बेटी आज भी तकलीफ में है. उसकी 7 सर्जरी हुई है, मुझे इन लोगों से आज भी जान का ख़तरा है. मैं उस घटना के बाद अभी तक अपने गांव नहीं जा पाया हूं. गुड़िया के पिता ने कहा, बेटी के बलात्कार के बाद समाज में रहना कितना मुश्किल होता है.
हालांकि इस मामले में फांसी की संभावना पहले से ही कम थी क्योंकि पीड़िता अभी जीवित है और 2013 में जब यह घटना हुई उस वक्त किसी नाबालिग से दुष्कर्म में फांसी का प्रावधान नहीं था. आरोपियों ने नाबालिग लड़की को मारने की भी कोशिश की थी. दोषी सिर्फ बच्ची का गैंगरेप करने तक ही नहीं रुके, बल्कि उसके शरीर में कांच और मोमबत्ती तक डाला था. गुड़िया की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील एच एस फुल्का ने भी कोर्ट से कहा कि इस मामले में उम्रकैद से कम सज़ा नहीं दी जानी चाहिए.

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