यवतमाल : आइसोलेशन वार्ड से दो को डिस्चार्ज, अन्य मरीजों की हालत में सुधार
यवतमाल : स्थानीय स्व. वसंतराव नाईक सरकारी वैद्यकिय महावद्यिालय के इसोलेशन कक्ष में दाखिल किए गए मरीजों में से दो को 19 मार्च को डस्चिार्ज दिया गया है. जिसमें एक दुबई से तो दूसरा व्यक्ति मक्का (सौदी अरेबिया) से जिले में दाखिल हुआ था. प्रतिबंधात्मक उपाययोजना के तहत दोनों को भी स्थानीय जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में निगरानी में रखा गया था. फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में पांच मरीज होकर इसमें तीन मरीज पाझीटीव है. जिसमें दो महिला व एक पुरुष का समावेश है तो अन्य दो को निगराणी में रखा गया है.
कोरोना से पीड़ित मरीजों की हालत में अब धीरे-धीरे सुधार होने लगा है, यह जानकारी जिलाधिकारी एम. डी. सिंह ने दी. विदेश की यात्रा से लौटें नागरिकों के संपर्क में आने की वजह से प्रतिबंधात्मक उपाययोजना के तहत जिले में 128 लोगों को होम कॉरेंटाईन में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग को जिला प्रशासन ने शीघ्रता से 1 करोड 30 लाख रुपए उपलब्ध कराए है. जिसमें से 1 करोड रुपए तक अद्यावत साधनसामग्री लेने के लिए अधिकारी सरकारी वैद्यकिय महावद्यिालय के अधष्ठिाता को दिए गए है. इनमें आवश्यक वेंटीलेटर, दवाईयां, मास्क आदि का समावेश है.
बाहर से आए नागरिकों की जांच करने के लिए विशेष दल की स्थापना, अन्य राज्य से आनेवाले मरीजों की जांच के लिए विशेष दल गठित किया गया है. तेलंगाणा व अन्य राज्य से महाराष्ट्र में प्रवेश करनेवाले यात्रियों की जांच करने के लिए केलापुर तहसील के पिंपलखुटी चेकपोस्ट पर दल गठित किया गया है. एक दल चार लोगों का समावेश होकर इसमें स्वास्थ्य अधिकारी, मंडल अधिकारी, पटवारी व पुलिस कर्मचारी का समावेश है. ऐसे कुल चार दलों की स्थापना की गई है. तेलंगणा व अन्य राजय से राज्य में प्रवेश करनेवालों से गहराई से पूछताछ करना, यात्रियों की एंट्री लेना, विदेश से लौटनेवाले यात्री नर्दिशन में आने पर प्रशासन को उसकी जानकारी देना.
प्रशासन अधिकारी को रिपोर्ट मांगने पर प्रस्तूत करना, प्रतिदिन रिपोर्ट तहसील समिति के सामने प्रस्तूत करना, यात्रियों में कोरोना सदृश्य बिमारी के लक्षण पाए जाने पर उनके स्वास्थ्य की जांच कराने के बारे में स्वास्थ्य यंत्रणा को सचेत कर आदि कार्य दल से कराए जा रहें है. 19 मार्च से 31 मार्च तक 24 घण्टे इस दल में चक्राकार पद्धति से कार्य रहनेवाले है. जिसमें लापरवाही बरतने पर आपदा व्यवस्थापन कानून 2005 के तहत कडी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा भी जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है.