कांदिवली शताब्दी हॉस्पिटल में डॉक्टरो कर्मचारियों की लापरवाही से भारी संख्या में फैल सकता है कोरोना
कोरोना के निगेटिव पेशेंट में छाया दहशत
मुंबई : कांदिवली शताब्दी हॉस्पिटल में पॉजिटिव और नेगेटिव के पेशेंट के जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है पत्रकार द्वारा बनाए गए वीडियो में सांप दिखाई पड़ रहा है कि कोरोनावायरस के पहले के भी पॉजिटिव पेशेंट जिस वार्ड में भर्ती हैं उसी में नेगेटिव रिपोर्ट आए हुए पेशेंट भी उसी वार्ड में एडमिट है जहां सरकार और शासन प्रशासन के लोग रोडो गलियों भाजी मार्केट ओं में मुंह पर मास और डिस्टेंशन रखने की बात करते हुए कार्रवाई कर रहे हैं मगर वही कांदिवली शताब्दी हॉस्पिटल में एक ही वार्ड के अंदर दोनों पेशेंट हैं जिसका देखरेख करने वाला कोई नहीं है पूछताछ के दौरान पेशेंट ने बताया है कि मुझे हफ्तों से ज्यादा दिन हो गया लिटाया गया है हमारे रिपोर्ट नेगेटिव आए हैं मगर ठीक बगल में पॉजिटिव मरीज को भी रखा गया है और जहां पर हम शौचालय में जाते हैं उसी में वह भी जाते हैं जो खाना नाश्ता जो व्यक्ति देता है वही हमें भी देता है वहां पर कोई भी सतर्कता नहीं बरती जा रही है जिसे मुझे डर सता रहा है कि मैं कोरेना का पेशेंट नहीं हूं मगर एक डॉक्टर और कर्मचारियों की लापरवाही से मुझे भी बना देंगे और मौत के मुंह में धकेल देंगे और इसके अलावा वहां पर जो कर्मचारी काम करते हैं उनके मुंह में गुटका रहता है और जहां कहीं भी उठते रहते हैं कोई भी स्वच्छता के रूप में परहेज नहीं करते हैं रात की हालत बहुत ही भयानक हो जाती है मरीज चिल्लाता रहता है तड़पता रहता है परेशान रहता है मगर उसको देखने वाला इंजेक्शन दवा देने वाला कोई नहीं रहता है काफी देर चिल्लाने के बाद जब सिस्टर या कर्मचारी आता है तो पूरा गुस्सा मरीज के ऊपर निकाला जाता है अगर इसी तरह कांदिवली शताब्दी हॉस्पिटल में चलता रहा तो यह को रोना का हब बन जाएगा जब संवाददाता ने इसकी जानकारी शताब्दी हॉस्पिटल के डॉक्टरों से की तो उन्होंने नाम ना छापने के शर्त पर बताया कि अभी तक अस्पतालों में टी पीई किट नहीं दिया गया है जिसके कारण शताब्दी हॉस्पिटल के 63 नर्स डॉक्टर और कर्मचारी को कांदिवली पूर्व में को रोने की वजह से 15 दिन के लिए हॉस्पिटल में रख दिया गया है अब स्टाफ की कमी होने के कारण मरीजों को देखरेख करने वाला कोई नहीं है अस्पताल के कर्मचारी डॉक्टर सिस्टर ज्यादा संख्या में लोग बीमार हैं और वे 12 दिन के लिए उन्हें सेनेटराइज कर दिया गया है