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मुंबई : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा है कि सरकार उन्हें गांव भेजने के लिए दृढ़ संकल्प है. किसी को भी चिंता करने की जरुरत नहीं है. मजदूर पैदल व असुरक्षित यात्रा न करें. विधान परिषद सदस्य की शपथ लेने के बाद पहली बार जनता से मुखातिब हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना से डरने की नहीं इससे मुकाबला करने की जरुरत है. उन्होंने राज्य में लॉकडाउन बढ़ाए जाने के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि कड़ी टूटनी चाहिए. 

उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्राजील जैसे देशों में लॉकडाउन हटाए जाने का परिणाम लोगों ने देखा है. हम मुंबई एवं महाराष्ट्र में ऐसा कत्तई नहीं होने देंगे. मुख्यमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. रोज कमाने खाने वाले मजदूरों की हालत खराब है, लेकिन सरकार उनका ध्यान रख रही है. उनके लिए रहने एवं खाने की व्यवस्था की गयी है. परप्रांतीय मजदूरों को ट्रेन व बस से उनके गांव सरकारी खर्च से पहुंचाया जा रहा है. अब तक 5 लाख मजदूरों को उनके गृह राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात भेजा गया है. कोंकण एवं पश्चिम महाराष्ट्र के मजदूर भी गांव जाना चाहते हैं. सभी को गांव भेजा जाएगा.थोड़ी संयम बरतने की जरुरत है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई सहित सभी रेड जोन को मानसून शुरु होने के पहले ग्रीन जोन में लाने का संकल्प है. इसके लिए सभी के सहयोग की जरुरत है. किसी भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम को मंजूरी नहीं मिलेगी. भीड़ की वजह से अब तक किया गया सभी प्रयास विफल हो जाएगा. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुंबई, ठाणे एवं पुणे जैसे शहर में लॉकडाउन हटाने से कोरोना का फैलाव तेजी से हो सकता है.  


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