ठाणे : जिले में 24 घन्टे में मिले 244 कोरोना मरीज
ठाणे : ठाणे जिले में शहरी क्षेत्रों में कोरोना का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है. जिससे जिला प्रशासन सकते में आ गया है. सोमवार को एक दिन में 244 नए मरीज पाए गए हैं, जबकि जिले में 7 मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई. इस प्रकार जिले में अब तक कुल आंकड़ा तीन हजार 928 के ऊपर जा पहुंचा है. जबकि 121 लोगों की मौत हो चुकी है. वैश्विक महामारी कोरोना का संक्रमण कम हो इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार ने तीन बार लॉक डाउन की घोषणा की. अब तीसरे लॉक डाउन का कार्यकाल भी खत्म होने में सिर्फ कुछ ही दिन शेष है. लेकिन ठाणे जिले में इस महामारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. आलम यह है कि शहरी क्षेत्र ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, मीरा भाईंदर में सबसे अधिक कोरोना के मरीज पाए जा रहे थे, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र के साथ बदलापुर नगर पालिका में भी मरीजों की बढ़ोत्तरी देखी जा रही हैं.
ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में सोमवार को 91 कोरोना बाधित मरीज दर्ज किए गए हैं, जिसके चलते कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1269 हो गई है. अब तक 50 मरीजो की इस मौत के कारण मौत हो चुकी है. वहीं नवी मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में 74 नए मरीज मिले है और 6 लोगों की मौत दर्ज की गई है. यहां पर अब तक कुल मरीजों की संख्या 1264 के ऊपर जा पहुंची है. इसी प्रकार कल्याण-डोंबिवली में 30 मरीज मिले है और कुल बाधित मरीजों की संख्या 530 तक पहुंच चुकी है. जबकि एक मरीज की मौत हो गई और कुल मृतकों के आंकड़ा 8 हो गया है. इसी तरह मीरा भाईंदर मनपा में को 29 नए मरीज पाए गए हैं. एक की मौत हो गई. यहां ओर अब तक कुल मरीजों का आंकड़ा 359 हो गया है. अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी तरह भिवंडी महानगर पालिका क्षेत्र में एक मरीज मिला और यहां पर अब तक कुल मरीजों की संख्या 43 पहुंची है.
जबकि बदलापुर नगर पालिका में दो नए मरीज मिले हैं और कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 116 हो गई है. उल्हासनगर मनपा में गुरुवार को 07 नए मरीज पाए गए है. यहां पर कुल मरीजों की संख्या 126 तक पहुंच चुकी है. वहीं अंबरनाथ नगर पालिका क्षेत्र में सोमवार को दो नए मरीजों के साथ कुल आंकड़ा 36 हो गया है और ठाणे ग्रामीण क्षेत्र में 9 नए संक्रमित मरीज मिले है और कुल मरीजों का आंकड़ा 185 हो गया है. इस प्रकार जिले में कोरोना के कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा चार हजार के करीब पहुंच चुका हैं. जिले में बढ़ती इस संख्या से जिले के नागरिकों में जहां भय बढ़ता जा रहा है. वहीं जिला प्रशासन और जिला स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ गई है.