मुंबई : कोरोना संकट में सरकार किसानों के साथ है और आने वाले दिनों में उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी. यह बात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने खरीफ फसल की तैयारियों को लेकर आयोजित एक हाई लेवल मीटिंग में कही.उन्होंने कृषि विभाग से किसानों को मदद देने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि कोरोना से उपजे आर्थिक संकट से उबारने में कृषि सेक्टर की अहम भूमिका हो सकती है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, कृषि मंत्री दादाजी भुसे, राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात,जलसंवर्धन मंत्री जयंत पाटील, गृहमंत्री अनिल  देशमुख, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, सामाजिक न्यायमंत्री धनंजय मुंडे के अलावा मंत्री  डॉ. राजेंद्र शिंगणे, विश्वजीत कदम,अदिति तटकरे समेत प्रत्येक जिला के पालकमंत्रियों ने भाग लिया.  

मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि कोरोना संकट के बाद पूरी दुनिया के आर्थिक हालत बदलने वाले हैं. ऐसे में कृषि सेक्टर एक बड़ा गेमचेंजर बन सकता है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को आर्थिक संकट से उबारने में कृषि सेक्टर की अहम भूमिका हो सकती है. सीएम ठाकरे ने कहा कि खरीफ फसल के किसानों को कर्ज दिलाने के लिए उन्होंने केन्द्र सरकार के माध्यम से आरबीआई से सिफारिश की है. उन्होंने  किसानों को पूरी मेहनत से काम  करने का आह्वान करते हुए ज्यादा से ज्यादा उत्पादन पर बल देने को कहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में अन्य विभाग की तरह कृषि सेक्टर की भी पूरी मदद की जाएगी.   

कृषि मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 50 हजार मैट्रिक  टन अतिरिक्त यूरिया की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि किसानों को मदद करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी. सहकारिता विभाग ने खरीफ सीजन के  लिए  44,025 करोड़ रुपए के फसल लोन की व्यवस्था की है. वहीं जिन किसानों को अभी तक महात्मा जोतिबा फुले कर्ज माफी  योजना के तहत लाभ नहीं मिला है. सहकारिता विभाग ने जिला बैंकों को ऐसे किसानों को भी नए लोन देने के निर्देश दिए हैं.


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