Latest News

मुंबई : आगामी 30 जून को राज्य के मुख्य सचिव पद से रिटायर होने वाले अजोय मेहता को ठाकरे सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी चल रही.सूत्रों के मुताबिक सेवानिवृति के बाद मेहता को सीएम उद्धव ठाकरे का मुख्य सलाहकार बनाया जा सकता है. इसके लिए मंत्रालय की छठीं मंजिल पर सीएम ठाकरे की केबिन के बगल में एक और केबिन बनाने की तैयारी शुरू है. हालांकि मेहता को लेकर महाराष्ट्र विकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस का विरोध रहा है, इसके बावजूद सीएम ठाकरे को लगता है कि कोरोना से जूझ रहे महाराष्ट्र के लिए मेहता का मार्गदर्शन आगे भी जरुरी है. 

मेहता को इससे पहले  रिटायर होने के बावजूद दो बार सेवा विस्तार मिल चुका है. ऐसे में उन्हें तीसरी बार सेवा विस्तार मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है. इस वजह से मुख्य सलाहकार का पद देकर सीएम ठाकरे ने बीच का रास्ता निकाला है.मेहता का दर्जा कैबिनेट रैंक का होगा.     

अजोय मेहता के रिटायर होने के बाद राज्य के  मुख्य सचिव पद पर कौन विराजमान होगा. इसको लेकर  1984 बैच के आईएएस अधिकारी और वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत संजय कुमार और सीताराम कुंटे के बीच मुकाबला है. अनुभव के आधार पर पद पर संजय कुमार की दावेदारी बनती है. वे अगले साल फरवरी महीने में रिटायर होने वाले हैं, लेकिन मराठी होने के नाते कुंटे का भी पलड़ा भारी है. संजय कुमार मुख्य सचिव मेहता के गुड बुक हैं. ऐसे में उन्हें इसका लाभ मिल सकता है. कुंटे 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे अगले साल नवंबर में रिटायर होंगे. 

कुंटे की राह में एक मुश्किल है. दरअसल  बीएमसी कमिश्नर पद पर रहते हुए कुंटे ने कथित तौर पर शिवाजी पार्क में बाल ठाकरे के स्मारक को बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया था. इस वजह से शिवसेना के नेताओं में कुंटे के प्रति नाराजगी है.   मुख्य सचिव के पद पर बीएमसी के पूर्व कमिश्नर प्रवीण परदेशी छुपा रुस्तम साबित हो सकते हैं. हालांकि मुख्य सचिव मेहता के साथ विवाद और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी होने की वजह से उनका पलड़ा कमजोर माना जा रहा है.


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement