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मुंबई : दिल्ली में ऑड-ईवन सड़कों पर कई साल से हो रहा है, कई बार हो चुका है। मुंबई में भी आने वाले समय में शायद यह दौर देखने को मिले, लेकिन सड़कों पर नहीं, लोकल ट्रेनों में। एनबीटी को एक बेहद विश्वस्त सूत्र से इस बात की जानकारी मिली है कि यदि कोरोना पर जल्दी कंट्रोल नहीं हुआ, तो लोकल ट्रेनों के यात्रियों के ऑड-ईवन की तर्ज पर रेलवे पास बनाए जाएंगे।

इस सूत्र के अनुसार, मुंबई में लोकल यात्रियों को T1 औ T2 नाम से रेलवे पास दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। जिसे T1 रेलवे पास मिलेगा, वह 1, 3, 5, 7 इन जैसी ऑड तारीखों पर ही लोकल ट्रेन में सफर कर सकेगा, जबकि जिन्हें T2 नाम से रेलवे पास दिए जाएंगे, वैसे यात्री 2, 4, 6, 8 ऐसी ईवन तारीखों पर सफर कर सकेंगे। दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से गुरुवार 10 सितंबर को कहा था कि अब हमें जब कोरोना वायरस के साथ ही जीना पड़ेगा, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि वह कोरोना के प्रकोप के मद्देनजर लोकल ट्रेन की सेवा को आखिर कब तक सीमित रखेगी। उसी के बाद सूत्रों का दावा है कि T1 और T2 नाम से यात्रियों को रेलवे पास दिए जाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि मुंबई लोकल ट्रेनों में आम लोगों को फिर से सफर भी करने दिया जाए और भीड़ को भी मार्च के लॉकडाउन से पहले की तुलना में 50 प्रतिशत कम किया जा सके। अभी यह पता नहीं चल सका है कि रोजाना टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों के लिए क्या विकल्प सोचा गया है।

सूत्र के अनुसार, इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को मिलकर फैसला करना पड़ेगा। मार्च के लॉकडाउन के बाद मुंबई में लोकल ट्रेनें करीब तीन महीने तक पूरी तरह बंद रहीं। तीन महीने पहले अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए यह सेवाएं फिर शुरू हुईं, लेकिन आम लोगों के लिए इसमें सफर की पूरी तरह मनाही है। इस वजह से मुंबई मेट्रोपोलिटिन रीजन में जगह-जगह बस स्टैंड पर लोगों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। इस कारण सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं हो रही है और लोगों को 1 घंटे का लॉकडाउन से पहले का लोकल ट्रेनों का सफर अब बसों में चार से पांच घंटों में करना पड़ रहा है।

आम लोगों की बस डिपो के बाहर लंबी लाइनों की फोटो मीडिया और सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद गुरुवार को महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने स्टेट ट्रांसपोर्ट की 300 और बसें मुंबई मेट्रोपोलिटिन रीजन में बढ़ाने का फैसला किया है, पर खुद महाराष्ट्र सरकार में कुछ नौकरशाहों का मानना है कि मुंबई में आम लोगों की तकलीफों को काफी हद तक लोकल ट्रेनें ही दूर सकती हैं।

जानकारी के मुताबिक, अभी मुंबई में सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बल में 700 लोकल ट्रेनें ही चल रही हैं। चूंकि राज्य सरकार ने अनलॉक चार में सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत और प्राइवेट दफ्तरों में 30 प्रतिशत कर्मचारियों को आने की छूट दे दी है, इसलिए ऑफिसों में बढ़ती उपस्थिति के कारण इस बात की पूरी संभावना है कि निकट भविष्य में मुंबई में लोकल ट्रेनें भी बढ़ाई जाएं और उनमें ऑड-ईवन फॅामूला भी लागू किया जा सकता है।

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