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मुंबई : पिछले पांच महीनों से सामान्य ट्रेनों की आवाजाही बंद होने और उनके रद्द होने से पश्चिम रेलवे को अब तक 2350 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कोविड -19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए 22 मार्च से सभी यात्री ट्रेनों को रोक दिया गया था। इसके बाद श्रमिक मजदूरों को उनके गृहनगर में प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को ले जाने के लिए धीरे-धीरे, श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाया गया। बाद में यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से यात्री ट्रेन सेवाओं को बहाल करने का निर्णय लिया। वर्तमान में यात्रियों के लिए 230 विशेष ट्रेनें चल रही हैं, जबकि अन्य सभी नियमित ट्रेनों की सेवाएं रद्द कर दी गई हैं।

रेलवे के अनुसार, ट्रेनों के लिए आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से बुक किए गए टिकटों को ऑनलाइन रद्द कर दिया गया था और यात्रियों के खाते में राशि क्रेडिट कर दी गई, जबकि जिन यात्रियों ने पीआरएस काउंटरों के माध्यम से अपने टिकट बुक किए थे, उनके लिए चयनित स्टेशनों पर टिकटों के कैंसलेशन तथा 27 मई से बुकिंग के लिए पीआरएस काउंटरों को खोला गया था। टिकटों के रद्दीकरण के कारण 1 मार्च से 29 अगस्त तक पश्चिम रेलवे ने 421.04 करोड़ रुपये की वापसी राशि रिफंड की है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार पश्चिम रेलवे पर यात्री राजस्व का कुल नुकसान लगभग 2350 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें उपनगरीय खंड के लिए 355 करोड़ रुपये और गैर-उपनगरीय के लिए 1995 करोड़ रुपये का नुक़सान शामिल है। इस धनवापसी राशि में, अकेले मुंबई मंडल ने लगभग 203 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, 65 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और अपनी रिफंड राशि प्राप्त की है। 15 जून से अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए उपनगरीय सेवाओं की बहाली के बाद अब पश्चिम रेलवे पर कुल 934455 टिकट बुक हो चुके हैं। इससे 608.61 लाख रुपए की कमाई हुई है। पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनों से लॉकडाउन में कुल 88,30,683 यात्रियों ने सफर किया है।

नई गाइडलाइन में मेट्रो रेल की बहाली के बाद मुंबई लोकल से शुरू होने की चर्चाएं हो रही हैं। इस पर रेलवे के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल लोकल की बहाली का निर्णय राज्य सरकार को लेना है और मुंबई लोकल को चलाने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है। मुंबई में फिलहाल QR code धारकों को ही ट्रेनों में एंट्री दी जा रही है। रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी मौजूदा सभी यात्रियों के QR code नहीं बन पाए हैं। ऐसे में लोकल सेवा बहाल करने या और किसी सेक्टर से यात्रियों को अनुमति देने पर पहले QR code जारी करना चुनौती रहेगी। रेलवे के अनुसार आगामी कुछ महीनों तक QR code के जरिए ही यात्रा होगी।



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