महाराष्ट्र : सरकार ने पालघर में साधुओं की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 15 पुलिसकर्मियों का वेतन काटा, दो को किया रिटायर
मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने पालघर में साधुओं की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक स्थिति रिपोर्ट दायर की है। इसमें आरोपित 15 पुलिसकर्मियों का वेतन काटकर दंडित करने और दो नौकरी से रिटायर करने की बात बताई गई है। राज्य सरकार की स्थिति रिपोर्ट में बुधवार को बताया गया कि आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। जिन लोगों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया और अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने का जिम्मेदार पाया गया उनके खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो चुकी है। कोंकण रेंज के स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन पुलिसकर्मियों का जवाब जानने के बाद कोंकण रेंज के अधिकारी ने उनके खिलाफ 21 अगस्त को अंतिम आदेश दिया। इसी आधार पर एएसआइ रवींद्र दिनकर सालुखे, और सब इंस्पेक्टर नरेश नगीन डोंडी को रिटायर कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की हत्या के मामले की जांच सीबाआई या एनआइए से कराए जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार समेत महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर कर जवाब मांगा था। सभी पक्षकारों से जुलाई के दूसरे सप्ताह तक जवाब दाखिल करने को कहा गया था। पालघर में मारे गए साधुओं के रिश्तेदार और जूना अखाड़े के साधुओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में पुलिस पर सवाल उठाते हए सुप्रीम कोर्ट से मामले की सीबीआइ जांच की मांग की गई है।
रात में सूरत जा रहे सुशील गिरि वन विभाग के संतरी से बात कर ही रहे थे, तभी गांव का एक दल आ गया। इसमें शामिल लोगों ने गाड़ी में मौजूद लोगों की पिटाई शुरू कर दी। संतरी ने घटना की सूचना 35 किलोमीटर दूर स्थित कासा पुलिस थाने को दी। पुलिस के पहुंचने तक ग्रामीण गाड़ी में मौजूद तीनों लोगों की बुरी तरह पिटाई कर चुके थे। इस घटना के समय कुछ लोग इसका वीडियो भी बना रहे थे। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर पिट रहे तीनों लोगों को अपने वाहन में बैठाया, लेकिन करीब 400 ग्रामीणों ने उन तीन यात्रियों सहित पुलिस टीम पर भी हमला बोल दिया और पुलिस की गाड़ी में ही सुशील गिरि और उनके दो साथियों की जान ले ली थी।