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ठाणे : ठाणे की कासारवडवली पुलिस ने 4 माह पहले हुए ड्राइवर की हत्या मामले में मालकिन सहित कुल 4 को गिरफ्तार करने में सफल हो गई है. गिरफ्तार कल्पना नागलकर, गीता आरोलकर, संतोष घुगरे तथा मंगेश मुरुडकर को पुलिस हिरासत में रखा गया है. मिली जानकारी के अनुसार तानाजी लक्ष्मण जाविर (48) 17 जुलाई को अचानक गायब हो गया था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट बड़े भाई अनिल जाविर ने पुलिस स्टेशन में दर्ज करायी थी. सीनियर पीआई किशोर खैरनार की अगुवाई में मामले की छानबीन चल रही थी. तानाजी घोड़बंदर रोड के नागलाबंदर में रहने वाले बलिराम नागलकर के यहां पिछले 12 सालों से काम करता था.

जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि तानाजी गाड़ी चलाने के साथ साथ नागलकर की संपत्ति को बेचने-खरीदने का काम भी करता था. रुपयों के लेन देन को लेकर तानाजी की अपनी मालकिन कल्पना बलिराम नागरकर के साथ झगड़े होते थे. तानाजी के रवैये से कल्पना परेशान हो गयी थी. इसलिए उसने तानाजी की हत्या की बात तय की और अपने पहचान की गीता आरोलकर को तानाजी की हत्या की सुपारी दी थी. इसके लिए उसने गीता को 1 लाख 40 हजार रुपए नगद दिए थे. गीता ने हत्या की ज़िम्मेदारी संतोष और मंगेश को दी थी. योजना के मुताबिक संतोष और मंगेश ने शराब पीने के बहाने तानाजी को गायमुख खाड़ी परिसर में बुलाया और फिर उसकी शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे शराब पिलाई थी. तानाजी की मौत के बाद दोनों ने तानाजी के शव को खाड़ी से लगे निर्जन स्थान पर फेंक दिया था और गायब हो गए थे. पुलिस ने संतोष और मंगेश से मिली जानकारी के बाद उक्त स्थान से शव के अवशेष और कपड़े को जब्त किया. डीसीपी विनय राठौड़ तथा एसीपी पंकज शिरसाट के मार्गदर्शन में सीनियर पीआई खैरनार की अगुवाई में पीआई अविनाश कालदाते, जयराज रणवरे ,एपीआई सागर जाधव, पीएसआई कुलदीप मोरे की टीम ने हत्या की गुत्थी सुझा कर हत्यारों को पकड़ने में सफलता पायी.  


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