महाराष्ट्र के कद्दावर नेता शरद पवार साहब की बायोपिक
जन्म - 12 दिसंबर 1940
शिक्षा - कॉमर्स में स्नातक
परिवार- प्रतिभा पवार (पत्नी), सुप्रिया सुले (बेटी)
संपत्ति - 32.73 करोड़ रुपए (शपथ पत्र के अनुसार)
सम्मान - पद्म विभूषण
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार इन दिनों दो कारणों से काफी चर्चा में हैं, पहला अमित शाह से उनकी मुलाकात और दूसरा हाल ही में हुई उनकी सर्जरी। महाराष्ट्र के इस लोकप्रिय नेता की जिंदगी को अगर अच्छे से समझना हो, तो उनकी आत्मकथा ‘ऑन माय टर्म्स’ के पहले ही अध्याय की शुरुआती पंक्तियां पढ़ना काफी हैं। शरद पवार लिखते हैं कि ‘राजकाज के कामों से उनका वास्ता तब पड़ा, जब वह महज तीन दिन के थे। मां शरदबाई गोविंदराव पवार गोद में उन्हें लिए पुणे, स्थानीय निकाय की एक मीटिंग में हिस्सा ले रही थीं।’ दरअसल इस घटनाक्रम को उनकी मां ने सुनाया था।
शरद पवार कहते हैं कि राजनीति उनके खून में है। समय, मौसम और हालातों की परवाह किए बगैर आम लोगों से संपर्क में रहने की कला शरद पवार ने अपनी मां से सीखी। शरद पवार की बेटी सुप्रिया कहती हैं कि उनके बाबा (बाबा का संदर्भ पिता जी से) रात में चाहे कितने भी बजे सोएं, सुबह 7 बजे ही तैयार होकर आम लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर देते हैं। सबसे खास बात ये है कि शरद पवार हवाई यात्राओं के बजाय ट्रेन या सड़क मार्ग से सफर करना पसंद करते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल सकें।
करीब छह दशक से भी अधिक समय से राजनीति में सक्रिय शरद पवार अब भी सियासी उठापटक के माहिर माने जाते हैं। सियासी गलियों में शरद पवार को लेकर इस बात की काफी चर्चा है कि उनकी हां का मतलब न होता है, तो न का मतलब हां। बता दें कि 80 वर्षीय शरद पवार की हाल ही में गॉल ब्लैडर की सर्जरी हुई है। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह से हुई उनकी मुलाकात को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
शरद पवार और बालासाहेब एक-दूसरे के जितने धुर राजनीतिक विरोधी थे, ठीक उतने ही अच्छे दोस्त भी थे। साल 1950 में इन दोनों की दोस्ती उस समय शुरू हुई, जब ठाकरे कार्टूनिस्ट और पवार यूथ कांग्रेस में थे। साल 1966 में शिवसेना के गठन के लिए होने वाली चर्चाओं में शरद पवार भी शामिल होते थे। इतना ही नहीं इसी मित्रता के वजह से साल 2006 के राज्यसभा चुनाव में सुप्रिया के खिलाफ शिवसेना ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।
शरद पवार का जन्म पुणे के बारामती में हुआ था। उनके पिता जी एक कोऑपरेटिव सोसायटी में वरिष्ठ पद पर थे और मां स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने वाली वह इकलौती महिला थीं। पूर्व क्रिकेटर सदू शिंदे की बेटी प्रतिभा शरद पवार की पत्नी हैं। एक इंटरव्यू में प्रतिभा ने बताया था कि शादी से पहले शरद पवार ने एक ही संतान पैदा करने की शर्त रखी थी। 1967 से 90 तक शरद बारामती सीट पर काबिज रहे, उसके बाद से यह सीट उनके भतीजे अजित पवार के पास है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले साल 2009 से बारामती की सांसद हैं। कॉलेज के दिनों में ही शरद पवार की इतनी पैठ थी कि दूसरे कॉलेज में छात्र संगठन ‘पवार पैनल’ नाम से प्रचार करते थे। महज 26 साल की उम्र में शरद पहली बार विधायक बने। 38 की उम्र में वह महाराष्ट्र के सबसे युवा सीएम बने। इसके साथ ही वो मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, बीसीसीआई चेयरमैन और आईसीसी के प्रेसिडेंट रहे। साल 2004 में शरद पवार को कैंसर का पता चला था, डॉक्टर ने यहां तक कह दिया था कि उनके पास छह महीने का ही समय है। बता दें शरद पवार तंबाकू का सेवन करते थे। लेकिन अब वो नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हैं।
साल 1978 में कांग्रेस के बंटवारे के बाद पवार दूसरे गुट में गए, लेकिन महाराष्ट्र में जनता पार्टी को सत्ता से दूर रखने के लिए इंदिरा की कांग्रेस से गठबंधन किया। हालांकि, शरद पवार पहली बार मुख्यमंत्री जनता पार्टी के समर्थन से बने। साल 1999 में सोनिया के विदेशी मूल का मुद्दा उठाने पर शरद पवार को कांग्रेस से निकाल दिया गया था। ऐसे में साल 1999 में उन्होंने एनसीपी बनाई। लेकिन पार्टी बनाने के तुरंत बाद ही वो कांग्रेस से गठबंधन करके सरकार बनाई। साल 2014 में विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के लिए शरद पवार ने बीजेपी को समर्थन की पेशकश की थी।
साल 1993 में मुंबई बम ब्लास्ट के बाद विपक्ष ने पवार पर दाऊद की मदद करने का आरोप लगाया था।
साल 2007 में शरद पवार पर गेहूं आयात में धांधली का आरोप लगा था।
साल 2009 में चीनी और साल 2011 में प्याज के दामों में वृद्धि कर आयातकर्ताओं को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा।
साल 2017 में तेलगी ने पवार को लगभग 600 अरब रुपए के स्टाम्प घोटाले का मास्टरमाइंड बताया था।
साल 2019 में शरद पवार और अिजत पवार पर महाराष्ट्र सहकारी बैंक घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग समेत अन्य कई आरोपों पर मामला दर्ज किया गया।