इस सरकार का ज्यादा दिन चलना मुश्किल के साथ मेले में गिर सकती एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और शिवसेना के संजय रावत ने कहा
महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार को आज विधानसभा में बहुमत परीक्षण करना है. लेकिन, शिंदे के फ्लोर टेस्ट से पहले एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने ये कहकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी कि ये सरकार अगले पांच-छह महीने में गिर जाएगी.इसके साथ ही उन्होंने मध्यावधि चुनाव की तैयारी को भी कहा है. इधर, शरद पवार के मध्यावधि चुनाव वाले बयान का शिवसेना के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने भी पूरी तरह से सहमति जताई है. इसके साथ ही, उन्होंने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने पर भी सवाल खड़े किए हैं.
संजय राउत ने कहा कि वे शरद पवार के बयान से सहमत हैं. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी को इतना विश्वास होता कि सरकार चलेगी तो बीजेपी का सीएम होता, जिसके पास ज्यादा सीट है. ऐसे में वो शिंदे को सीएम नहीं बनाते. राउत ने कहा कि लोगों के मन में सवाल है जो हमारा एग्रीमेंट था, वो अगर मान लेते. उन्होंने कहा कि आपने हमको सीएम पद इसलिए नहीं दी क्योंकि आप शिवसेना को खत्म करना चाहते है. अब उसको सीएम बनाया है जो शिवसेना से बागी हुआ है.
राउत ने नसीहत देते हुए कहा कि शिवसेना तैयार है और रहेगी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी को लोकतंत्र की चिंता रहती है क्या? महाराष्ट्र में लोकतंत्र बचा है लोग आने वाले समय में उनसे सवाल करेंगेशरद पवार ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव होने की पूरी संभावना है. शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पांच से छह में गिर सकती है. बताया जा रहा है शरद पवार ने एनसीपी विधायकों और पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए ये सब कहा. शरद पवार के संबोधन में शामिल एक नेता ने बताया कि, महाराष्ट्र में नवगठित सरकार अगले पांच से छह महीने में गिर सकती है जिसके लिए हम सभी विधायकों और नेताओं को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है.
पवार ने ये भी कहा कि शिंदे का समर्थन कर रहे कई बागी विधायक मौजूदा स्थिति से खुश नहीं है. विभागों का बंटवारा होने के बाद इन सभी का असंतोष सामने देखने को मिलेगा जिसका नतीजा सरकार गिरना साबित होगा. पवार ने संबोधन में आगे कहा कि, ये पूरी संभावना है कि इस सब के बाद कई बागी विधायक अपनी मूल पार्टी में वापस आ जाए. उन्होंने कहा कि, पार्टी अध्यक्ष ने विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा वक्त गुजारने को कहा है.