Latest News

मुंबई : शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग को संवैधानिक रूप से काम करना चाहिए और सभी पार्टियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। सांसद ने चुनावी समय में राजनीतिक पक्षपात और रिपोर्टिंग में असमानता की ओर ध्यान आकर्षित किया। अरविंद सावंत ने कहा, "मैं केवल चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं कि जो आयोग यहां बैठा है, उसे संवैधानिक ढांचे के अनुसार काम करना चाहिए। हर दिन समाचार आते हैं कि कितना पैसा वितरित किया गया और कहां से जब्त हुआ, लेकिन कुछ मामलों में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया जाता, जबकि अन्य मामलों में किसी दूसरी पार्टी के लिए इसे बार-बार दस बार दोहराया जाता है। यह भी गलत है।"

सावंत ने चुनाव आयोग से अपील की कि जहां भी अवैध पैसा जब्त हो, वहां तुरंत उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ समान रूप से नियमों का पालन होना चाहिए और किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग या मीडिया में भेदभाव अस्वीकार्य है। सांसद ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग नियमों का पालन संवैधानिक रूप से करेगा और सभी पार्टियों के साथ समान व्यवहार करेगा, तो यह मतदाता और जनता के बीच चुनाव प्रणाली में विश्वास बढ़ाएगा।

मुंबई में यह बयान स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सावंत का यह आरोप चुनावी निष्पक्षता और आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाता है। उनका कहना है कि सांसद ने स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, और किसी भी तरह का पक्षपात मतदाता और लोकतंत्र दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। अरविंद सावंत की यह प्रतिक्रिया विशेष रूप से उन रिपोर्टों को लेकर आई है, जिसमें चुनावी समय में पैसा वितरण और जब्ती की खबरें आई हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि ऐसी घटनाओं में सभी पार्टियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली की साख बनी रहे।

विश्लेषकों का कहना है कि सावंत का यह बयान आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है। इससे चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच संवाद की आवश्यकता और बढ़ गई है। इस प्रकार, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक ढंग से कार्य करने की अपील की है, ताकि भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement