कल्याण- डोंबिवली में मनसे ने विकास के नाम पर समर्थन दिया- एकनाथ शिंदे
मुंबई : शिवसेना (उद्धव) के वरिष्ठ नेता भास्कर जाधव ने मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में महापौर पद को लेकर भावुक बयान देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपील की है कि वे अहंकार और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना को महापौर पद के लिए समर्थन दें। जाधव ने कहा कि इस साल बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी का वर्ष है और इसी वर्ष बीएमसी में शिवसेना (उद्धव) का महापौर नहीं होगा, तो इससे बड़ा दुख कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आगे शिंदे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को मानते हैं तो उन्हें महापौर पद के लिए उद्धव गुट का समर्थन करना चाहिए।
हालांकि जाधव के बयान पर शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राऊत ने कहा कि अभी हमारे इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि हम शिवसेना (शिंदे) का समर्थन लें। भास्कर जाधव ने क्या कहा? जाधव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जो लोग खुद को बालासाहेब ठाकरे के विचारों का सच्चा वारिसदार बताते हैं, उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। यही समय है यह साबित करने का कि बालासाहेब पर आपकी सच्ची श्रद्धा है या नहीं। अगर सच में श्रद्धा है और बालासाहेब के सामने नतमस्तक होना चाहते हैं, तो एकनाथ शिंदे को उद्धव ठाकरे की शिवसेना को महापौर पद के लिए समर्थन देना चाहिए। जाधव ने कहा कि एकनाथ शिंदे भाजपा के साथ केंद्र और राज्य में सरकार चला सकते हैं, लेकिन मुंबई के मामले में उन्हें अलग फैसला लेना चाहिए। शिंदे को भाजपा से कहना चाहिए कि केंद्र और महाराष्ट्र में हम आपके साथ हैं, लेकिन यह साल बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी का है।
इसलिए मुंबई पर शिवसेना का ही भगवा झंडा फहराना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्धव ठाकरे ही बालासाहेब के सच्चे वारिसदार हैं और इसलिए महापौर भी शिवसेना (उद्धव) का ही होना चाहिए। अगर शिंदे बालासाहेब के विचारों को मानते हैं तो उन्हें महापौर पद के लिए उद्धव गुट का समर्थन करना चाहिए। जाधव के बयान पर उद्धव गुट के सांसद संजय राऊत ने कहा कि अभी हमारे इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि हमें शिंदे गुट से समर्थन लेना पड़े। राऊत ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता के लिए विचारधारा को ताक पर रखा जा रहा है। भले ही शिंदे मुंबई में अपना महापौर बनाने के सपना देख रहे हों लेकिन भाजपा महापौर का पद नहीं छोड़ने वाली है। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जाधव के बयान पर कहा कि हमें किसी को समर्थन देने की जरूरत नहीं है। हमने बीएमसी में महायुति में मिलकर चुनाव लड़ा है और महापौर भी महायुति का होगा।