सुप्रिया सुले ने जगदाले की बेटी को नौकरी देने पर सरकार से सवाल किया
पुणे : पुणे के रहने वाले संतोष जगदाले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए। इस घटना को एक साल हो गया है और राज्य सरकार ने उनकी बेटी असावरी जगदाले को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। लेकिन, यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार ग्रुप) की MP सुप्रिया सुले ने इस पर कड़ा गुस्सा जताया है। मुख्यमंत्री के सपोर्ट में होने के बावजूद फाइल में देरी हुई?
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करके इस मामले की ओर सरकार का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, "संतोष जगदाले की मौत के बाद सरकार ने खुद उनकी बेटी असावरी को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री खुद इसके पक्ष में थे। फिर भी, यह बहुत हैरानी की बात है कि असावरी को अभी तक नौकरी क्यों नहीं मिल रही है।" असावरी जगदाले की क्वालिफिकेशन और मौजूदा स्थिति असावरी जगदाले न सिर्फ बहुत पढ़ी-लिखी हैं बल्कि उनके पास काम का काफी अनुभव भी है। उनकी क्वालिफिकेशन के हिसाब से उन्हें सही नौकरी देने का प्रपोजल एडमिनिस्ट्रेशन को भेजा गया था। लेकिन, एडमिनिस्ट्रेटिव देरी की वजह से यह प्रपोज़ल अभी भी रेड टेप में फंसा हुआ है। जगदाले परिवार के लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा है! पहलगाम हमले में संतोष जगदाले की मौत की वजह से परिवार ने अपना मुख्य सहारा खो दिया है। परिवार इस समय बड़ी फाइनेंशियल और मेंटल परेशानी से गुज़र रहा है क्योंकि उनके पास इनकम का कोई सोर्स नहीं है। सरकार के भरोसे के बावजूद, परिवार पिछले कई महीनों से वादों के पूरे होने का इंतज़ार कर रहा है।