गर्लफ्रेंड के चक्कर में छात्र बना जल्लाद, कैब ड्राइवर का बना दिया अंतिम सफर
मुंबई : एक साधारण सी दिखने वाली देर रात की कैब राइड अचानक एक खौफनाक ‘डेथ राइड’ में बदल गई. 33 साल के उबर ड्राइवर नासिर सलाम अहमद ने गुरुवार रात एक सवारी बुकिंग स्वीकार की थी. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. पांच दिन तक लापता रहने के बाद उनका शव महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के मालशेज घाट के सुनसान इलाके गणेशखिंड में मिला. इस मामले में पुलिस ने आखिरी सवारी रहे 21 साल के इंजीनियरिंग छात्र को गिरफ्तार किया है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मामले ने इसलिए भी ज्यादा सनसनी फैलाई क्योंकि खून से सनी कैब की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के कैब ड्राइवरों के बीच इस घटना ने दहशत पैदा कर दी. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छात्र ने अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए यह कैब बुक की थी. लेकिन रास्ते में जो कुछ हुआ, उसने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया. अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
खून से सनी कैब से खुला हत्याकांड का राज
यह मामला तब सामने आया जब शुक्रवार सुबह टिटवाला के पास कल्याण–मुरबाड हाईवे पर गोवेली गांव के पास एक मारुति अर्टिगा कैब खून के धब्बों के साथ लावारिस हालत में मिली. स्थानीय लोगों ने जब कार के अंदर और बाहर खून के निशान देखे तो तुरंत पुलिस को खबर की. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन उस समय तक ड्राइवर का कोई पता नहीं चल पाया था.
इसी बीच अहमदनगर जिले के ओतूर इलाके में मालशेज घाट के गणेशखिंड क्षेत्र से एक शव बरामद हुआ. शव पर कई चोटों के निशान थे. पुलिस को शक हुआ कि यह वही लापता ड्राइवर हो सकता है. इसके बाद ठाणे ग्रामीण क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी और कैब बुकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंच गई.
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले. सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर कार में फ्यूल भरवाते हुए भी देखा गया. डिजिटल रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा के आधार पर पुलिस ने आरोपी आदर्श चंद्रकांत भेलराव को टिटवाला स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया.