Latest News

गोंदिया : गोंदिया में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है, इसी दौरान गोंदिया जिले के धान उत्पादक किसानों को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। रबी सीजन में सरकारी धान खरीदी केंद्रों पर बेचे गए धान का 481 करोड़ 94 लाख रु। का भुगतान अब भी लंबित होने से 46,103 किसानों को भुगतान का इंतजार है। गोंदिया जिले के 191 खरीदी केंद्रों पर अब तक 20,30,432 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके लिए 2,369 रु। प्रति क्विंटल की दर से खरीदी तो की गई, लेकिन सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण अभी तक किसानों के खाते में राशि जमा नहीं हो पाई है। इस वर्ष रबी सीजन में धान बेचने के लिए 77,620 किसानों ने पंजीयन कराया था। जिनमें से 46,103 किसानों ने खरीदी पूरी कर ली है, लेकिन भुगतान रुकने से किसानों में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी का माहौल है। इस बीच 31,517 पंजीकृत किसान अब भी धान बेचने से वंचित हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा हो गया है। गोंदिया जिला मार्केटिंग फेडरेशन विवेक इंगले ने बताया कि जैसे ही सरकार से राशि उपलब्ध होगी, राशि सीधे किसानों के खाते में जमा कर दी जाएगी। लेकिन, वास्तविक निधि कब मिलेगी इसकी कोई निश्चितता नहीं होने से किसान चिंतित हैं।

खरीफ सीज़न आ गया है और बीज, उर्वरक, कीटनाशकों और खेती के लिए भारी मात्रा में धन की आवश्यकता होती है। लेकिन, धान बिक्री का भुगतान समय पर नहीं होने के कारण कई किसानों को कर्ज या निजी साहूकारों का सहारा लेना पड़ता है। भुगतान रुकने और खरीदी प्रक्रिया धीमी गति से चलने से जिले के किसान परेशान हो गए हैं और किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार तुरंत राशि उपलब्ध कराए और लंबित राशि का भुगतान करेंपड़ता है। भुगतान रुकने और खरीदी प्रक्रिया धीमी गति से चलने से जिले के किसान परेशान हो गए हैं और किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार तुरंत राशि उपलब्ध कराए और लंबित राशि का भुगतान करें।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement