स्कूल बसों की मनमानी पर रोक; रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बताएगी स्कूल बस का किराया
मुंबई: अब तक प्राइवेट बस ऑपरेटर और स्कूल मिलकर मनमाने तरीके से स्कूल बस का किराया तय करते थे और बच्चों के पेरेंट्स से पूरे साल की फीस एक साथ लेते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था पर रोक लगने जा रही है। महाराष्ट्र सरकार स्कूल बस शुल्क को नियंत्रित करने के लिए नया नियम लागू करने की तैयारी में है। नए प्रावधानों के तहत अब स्कूल बस का किराया संबंधित रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी तय करेगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, पेरेंट्स को बड़ी राहत देते हुए अब बस का शुल्क केवल महीने के आधार पर ही लिया जाएगा। एकमुश्त वार्षिक वसूली पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सरकार ने तैयार कर दिए कड़े नियम
दरसल सरकार ने स्कूली छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल बस और परिवहन व्यवस्था के लिए कड़े और व्यापक नियम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। गृह विभाग द्वारा जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, “महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूल बस विनियमन) (प्रथम संशोधन) नियम, 2026” लागू करने का प्रस्ताव है। सरकार ने इस मसौदे पर 15 दिनों के भीतर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।