मुंबई में आईईएस स्किल टेक यूनिवर्सिटी बनेगी, मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी, स्वयं-वित्तपोषित आधार पर करेगा काम
मुंबई : इंडियन एजुकेशन सोसाइटी को मुंबई में आईईएस स्किल टेक यूनिवर्सिटी बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने दे दी है। यह यूनिवर्सिटी बांद्रा में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह यूनिवर्सिटी स्थायी रूप से स्वयं-वित्तपोषित (सेल्फ-फाइनेंस) आधार पर एक निजी कौशल विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करेगा। दरअसल कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से संबंधित राष्ट्रीय नीति वर्ष 2015 में घोषित की गई थी।
नीति के तहत, रोजगार के अवसर और उपलब्धता के बीच की असमानता को दूर करने के लिए कौशल प्रशिक्षण आवश्यक बताया गया है। इसके साथ ‘स्किल इंडिया’ की तर्ज पर ‘कुशल महाराष्ट्र, रोजगार युक्त महाराष्ट्र’ नीति के तहत राज्य में कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, राज्य में स्थायी रूप से स्वयं-वित्तपोषित आधार पर निजी कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए वर्ष 2021 में नियमन और कार्यप्रणाली संबंधी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। इन्हीं के अनुसार इस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जहां कौशल विकास से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे।
कैबिनेट के अन्य फैसले
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए जापान की एजेंसी जायका से 3,708 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता लेने को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में अब सदस्यों की नियुक्ति चुनाव के बजाय नामांकन के जरिए की जाएगी और परिषद की सदस्य संख्या 18 से बढ़ाकर 23 की जाएगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी हो सकेगी।
कुलगांव-बदलापुर क्षेत्र में बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए कात्रप स्थित स्टेडियम के लिए आरक्षित जमीन में से 4 एकड़ भूमि टाटा पावर कंपनी को 110/22 केवी क्षमता का बिजली उपकेंद्र स्थापित करने के लिए देने का निर्णय लिया गया है।
मछुआरों के लिए भी बड़ा फैसला लेते हुए नाबार्ड के ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास निधि से 61.24 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
आकांक्षित जिला और तालुका कार्यक्रम का विस्तार करते हुए 6 नए जिलों और 150 तालुकों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।